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अमृतसरः श्री गुरु ग्रंथ साहिब के गायब 328 'स्वरूपों' को लेकर खूनी संघर्ष, 6 लोग घायल

हिंसक झड़प की यह घटना गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति के शनिवार को विरोध प्रदर्शन करने के दौरान हुई जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 गायब हुए 'स्वरूपों' के बारे में एसजीपीसी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी. 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं.

अमृतसर में एसजीपीसी और गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति के बीच संघर्ष (फोटो-वीडियो ग्रैब ANI) अमृतसर में एसजीपीसी और गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति के बीच संघर्ष (फोटो-वीडियो ग्रैब ANI)
aajtak.in
  • अमृतसर,
  • 25 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 8:45 AM IST
  • एसजीपीसी और गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति में झड़प
  • समिति के सदस्य करीब 40 दिनों से कर रहे विरोध प्रदर्शन
  • एसजीपीसीः तलवारों से हमला हुआ, दो गंभीर रूप से घायल
  • समितिः प्रदर्शन को रोकने को ताकत का इस्तेमाल किया गया

अमृतसर में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 लापता 'स्वरूपों' को लेकर शनिवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) की टास्क फोर्स और गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति के लोगों के बीच झड़प हो गईं. इस संघर्ष में कई लोगों के घायल होने की सूचना है.

यह घटना गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति के शनिवार को विरोध प्रदर्शन करने के दौरान हुई, जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 गायब हुए 'स्वरूपों' के बारे में एसजीपीसी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी. गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति के सदस्य करीब 40 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. एसजीपीसी पंजाब में सभी गुरुद्वारों का प्रबंधन करने वाला संगठन है.

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इस बीच टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हिंसक झड़प के बाद एसजीपीसी टास्क फोर्स के सदस्यों सहित 6 लोग घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. झड़प की एसजीपीसी के महासचिव हरजिंदर सिंह धामी ने निंदा करते हुए आरोप लगाया कि उनके संगठन से जुड़े लोगों पर तलवारों से हमला किया गया और उनमें से दो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.

महासचिव हरजिंदर सिंह धामी के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा, "उन्होंने तलवारों से हमारे लोगों पर हमला किया. कई लोग घायल हुए हैं. दो की हालत गंभीर है. हमारे लोगों के पास न तो तलवारें थीं और न ही लाठी. हम न केवल इसकी निंदा करते हैं, बल्कि प्रशासन से भी इन पर कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं."

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एएनआई ने एसजीपीसी के उपाध्यक्ष गुरबख्श सिंह खालसा के हवाले से बताया, "हमने पुलिस से इसके लिए शिकायत की थी, लेकिन पुलिस उन्हें सम्मानजनक तरीके से निकाल ले गई लिया जैसे कि उन्होंने बहुत बड़ा काम किया हो. उनके चले जाने के बाद अन्य लोगों ने हमारे गेट के बाहर फिर से विरोध-प्रदर्शन किया."

दूसरी ओर एसजीपीसी के बयान के विपरीत, गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति के सदस्यों का कहना है कि वे शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन को रोकने के लिए उन्होंने ताकत का इस्तेमाल किया.

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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ऐसा संगठन है जो तीन राज्यों पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है.

क्या है विवाद
द प्रिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, एसजीपीसी प्रकाशन विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने मई में आरोप लगाया था कि गुरु ग्रंथ साहिब के 267 'स्वरूपों' को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज किए बिना डिस्पैच कर दिया गया था. मामला सामने आते ही एक सिख संस्था अकाल तख्त की ओर से जांच का आदेश दिया गया जिसमें यह बात सामने आई कि कई 'स्वरूप' तो सालों से गायब हो गए हैं.

तब से, गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति के सदस्य प्रदर्शन कर रहे हैं और इस बारे में पूछ रहे हैं कि प्रतियां कहां हैं. रिपोर्ट यह भी कहा गया कि उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार एसजीपीसी के कर्मचारियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की, लेकिन बाद में कहा गया कि वे इस मामले में कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं चाहते हैं.

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