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पूर्व चीफ सेक्रेटरी पर गैंगरेप और 20 लड़कियों को बुलाने का आरोप, जानिए क्या है अंडमान का 'नौकरी के बदले सेक्स' केस

अंडमान निकोबार की एक 21 साल की युवती ने दो वरिष्ठ अधिकारियों जितेंद्र नरायण और आरएल ऋषि पर गैंगरेप का आरोप लगाया था. महिला ने आरोप लगाया था कि उसके साथ नौकरी का वादा करके दो बार अप्रैल और मई में रेप किया गया. इस मामले में जांच कर रही एसआईटी ने अब जितेंद्र नरायण को लेकर अहम खुलासे किए हैं.

आईएएस जितेंद्र नारायण (फोटो- फेसबुक) आईएएस जितेंद्र नारायण (फोटो- फेसबुक)
aajtak.in
  • पोर्ट ब्लेयर,
  • 28 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 9:36 AM IST

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण और लेबर कमिश्नर आरएल ऋषि के खिलाफ गैंगरेप के मामले में जांच कर रही एसआईटी के हाथ अहम सबूत लगे हैं. मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने सबूतों के आधार पर दावा किया है कि जितेंद्र नरायण के मुख्य सचिव रहते उनके आवास पर 20 से ज्यादा महिलाओं को लाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, कुछ का यौन शोषण भी किया गया. 

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दरअसल, अंडमान निकोबार की एक 21 साल की युवती ने दो वरिष्ठ अधिकारियों जितेंद्र नरायण और आरएल ऋषि पर गैंगरेप का आरोप लगाया था. महिला ने आरोप लगाया था कि उसके साथ नौकरी का वादा करके दो बार अप्रैल और मई में रेप किया गया. महिला ने पुलिस से की हुई शिकायत में बताया कि एक होटल के मालिक रिंकू ने आरएल ऋषि से उसकी बातचीत कराई थी. महिला के मुताबिक, उसे पोर्ट ब्लेयर स्थित जितेंद्र नारायण के आधिकारिक आवास ले जाया गया था. जहां दो लोगों ने उसका गैंगरेप किया. महिला के मुताबिक, दो हफ्तों बाद दोनों ने उसे फिर बुलाया और उसके साथ गैंगरेप किया. 

महिला का दावा है कि उसे सेक्शुअल फेवर के बदले सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था. लेकिन बाद में उसे धमकी दी गई कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया, जो अंजाम अच्छा नहीं होगा. पोर्ट ब्लेयर पुलिस की सिफारिश पर इसी महीने गृह मंत्रालय ने जितेंद्र नारायण और आरएल ऋषि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. हालांकि, जितेंद्र नारायण को कोर्ट से गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है. कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश पर वे मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने शुक्रवार को पेश होंगे. 
 
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पोर्ट ब्लेयर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच में शामिल अधिकारियों को दोनों आरोपियों और युवती की कॉल डिटेल्स और लोकेशन्स की जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों और महिला के कॉल डेटा रिकॉर्ड और सेल फोल लोकेशन्स युवती द्वारा दी गई जानकारी से 'मेल खाते हैं. 

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इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस मामले में वीडियो सबूतों को भी नष्ट करने की कोशिश की गई थी. सूत्रों के मुताबिक, जुलाई महीने में जितेंद्र नारायण का दिल्ली ट्रांसफर होने के बाद पोर्ट ब्लेयर स्थित मुख्य सचिव के घर में लगे सीसीटीवी कैमरा सिस्टम की हार्ड डिस्क को हटा दिया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ में पीडब्ल्यूडी अधिकारी और सीसीटीवी एक्सपर्ट ने खुद इसकी पुष्टि की है. कोर्ट ने भी इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि इलेक्ट्रिॉनिक ऐविडेंस से 'छेड़छाड़ की कोशिश' की गई.

हालांकि, जितेंद्र नारायण ने गृह मंत्रालय और अंडमान निकोबार प्रशासन को दिए बयान में इन आरोपों को खारिज किया. उनका कहना है कि ये उनके खिलाफ साजिश है. उनपर फेक केस किया गया है. उन्होंने दावा किया है कि जिन दो दिनों में यौन शोषण की बात कही गई है, उनमें वे पोर्ट ब्लेयर नहीं, बल्कि दिल्ली में थे. उन्होंने इसके सबूत के तौर पर एयर टिकट और दिल्ली में अपने अपॉइन्टमेन्ट शेड्यूल मंत्रालय और पुलिस को दिए हैं. हालांकि, युवती के परिवार का आरोप है कि शिकायत के वक्त उसने जो तारीखें पुलिस को बताई थीं, उनमें "गड़बड़ी" की गई है. उन्होंने SIT की पूछताछ में भी ये बात कही है. 

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक,  SIT ने इस मामले में जिन लोगों से पूछताछ की है, उनमें पोर्ट ब्लेयर स्थित मुख्य सचिव के घर पर काम करने वाले स्टाफ के लोग भी शामिल हैं. अखबार से बातचीत में एक सदस्य ने बताया, '' मुझे तब के मुख्य सचिव ने जान की धमकी देते हुए कहा था कि घर में आने वाले मेहमानों (महिलाएं) को लेकर कभी कुछ ना बोलूं. एक स्टाफ मेंबर ने अखबार को यह भी बताया कि वह 20 से 25 महिलाओं को खुद पूर्व मुख्य सचिव के घर लेकर आया था. 

इंडियन एक्सप्रेस ने अधिकारियों पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला से भी बात की. महिला के मुताबिक, मुख्य सचिव के घर पहुंचने पर उसे मोबाइल बाहर गेट पर ही छोड़ने को कहा गया था. बाद में ऋषि और होटल मालिक रिंकू ने कथित रूप से उसे धमकाया कि मुख्य सचिव के घर में जो भी हुआ, उसके बारे में किसी से कुछ ना कहे. युवती का दावा है कि उसने सबूत के तौर पर SIT को एक ऑडियो सौंपा है. इसमें उसकी और रिंकू की बातचीत रिकॉर्ड है. महिला के मुताबिक, ऑडियो में रिंकू उसे रेप की बात बाहर बताने को लेकर चेतावनी दे रहा है. साथ ही सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर रहा है.
 
महिला ने बताया कि मुख्य सचिव और लेबर कमिश्नर ने बार-बार उसे आश्वासन दिया था कि उसकी नौकरी पक्की है. लेकिन जब उसे ऋषि से पता चला कि मुख्य सचिव का ट्रांसफर हो गया है और नौकरी मिलने की कोई संभावना नहीं है, तब उसने पुलिस के पास जाने का फैसला किया.

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