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'मंदिरों के प्रसाद की शुद्धता के लिए सनातन धर्म प्रमाणीकरण लागू किया जाए...', बोले डिप्टी CM पवन कल्याण

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक राष्ट्रीय 'सनातन धर्म संरक्षण बोर्ड' और वार्षिक फंड की मांग की है. इसके अलावा, हिंदुओं से उनकी परंपराओं पर कथित खतरों के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया है.

पवन कल्याण (तस्वीर: X/@JSPShatagniTeam) पवन कल्याण (तस्वीर: X/@JSPShatagniTeam)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 4:06 AM IST

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण (Pawan Kalyan) ने गुरुवार को देश के सभी मंदिरों में प्रसाद और प्रसाद में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए 'सनातन धर्म प्रमाणन' प्रणाली का प्रस्ताव रखा. तिरुपति में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कल्याण ने ऐसे व्यक्तियों या संगठनों के साथ असहयोग करने की बात कही, जो 'सनातन धर्म' को बदनाम करने या उसके खिलाफ नफरत भड़काने की कोशिश करते हैं.

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उनका यह बयान तिरुपति मंदिर में बांटे जाने वाले वाले लड्डू की क्वालिटी को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है.

'सनातन धर्म संरक्षण बोर्ड' की मांग

कल्याण ने कहा, "भारत के सभी मंदिरों में चढ़ावे और प्रसाद में प्रयोग की जाने वाली सामग्री की शुद्धता तय करने के लिए सनातन धर्म प्रमाणीकरण लागू किया जाना चाहिए." उन्होंने सुझाव दिया कि यह प्रमाणपत्र मंदिर की प्रथाओं की पवित्रता को बनाए रखेगा और धार्मिक परंपराओं की रक्षा करेगा.

उन्होंने सनातन धर्म के सिद्धांतों की रक्षा करने और देश भर में इसके संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर 'सनातन धर्म संरक्षण बोर्ड' के गठन की भी बात कही. कल्याण ने बोर्ड और इसकी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए समर्पित वार्षिक फंड की जरूरत पर जोर दिया. 

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डिप्टी सीएम ने कहा, "सनातन धर्म की रक्षा करने और इसकी मान्यताओं को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय अधिनियम की जरूरत है. इस अधिनियम को तत्काल लागू किया जाना चाहिए और पूरे भारत में इसे समान रूप से लागू किया जाना चाहिए. इस अधिनियम के इम्प्लीमेंटेशन की निगरानी के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर एक 'सनातन धर्म संरक्षण बोर्ड' की स्थापना की जानी चाहिए."

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राहुल गांधी पर निशाना

जन सेना पार्टी चीफ के मुताबिक, ये बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि 'सनातन धर्म' के आदर्शों को कायम रखा जाए और उनकी रक्षा की जाए. उन्होंने कहा, "सनातन धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने वालों के साथ असहयोग किया जाना चाहिए."

अपने 'वराही' घोषणापत्र में पवन कल्याण ने सनातनियों (हिंदुओं) से एकजुट होने और क्षेत्रीय, भाषाई और अन्य भेदभावों से ऊपर उठकर सनातन धर्म पर हो रहे हमलों के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया. उन्होंने अन्य धर्मों के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए सामूहिक आवाज उठाने के महत्व पर भी जोर दिया.

अपनी स्पीच में पवन कल्याण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा, क्योंकि उन्होंने राम मंदिर के पवित्रीकरण समारोह को 'नाच गान सभा' ​​कहा था. कल्याण ने कहा, "राहुल गांधी कहते हैं कि अयोध्या समारोह 'नाच गान सभा' ​​था. आप सनातनी हिंदुओं को चोट पहुंचाते हैं और फिर सत्ता के लिए उनसे वोट मांगते हैं? आप मोदी जी से नफरत कर सकते हैं, हमसे नफरत कर सकते हैं, लेकिन भगवान राम से नफरत करने की हिम्मत मत करो."

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