
अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) का प्रश्न पत्र लीक होने के बाद राजधानी ईटानगर में बीते शुक्रवार को सार्वजनिक बंद के बीच अभ्यर्थियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हो गई. जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. बवाल के बाद अब राज्य सरकार ने ईटानगर में रविवार तक के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है.
पेपर लीक के बाद हुआ बवाल
दरअसल, पेपर लीक की खबर के बाद अभ्यर्थियों ने 17 फरवरी को सुबह 5 बजे से सार्वजनिक बंद का आह्वान किया था. इसको लेकर बड़ी संख्या में छात्र राजभवन क्षेत्र के पास जुटे थे. जानकारी के मुताबिक हिंसा के बाद शहर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रुख अख्तियार कर लिया है.
कई क्षेत्रों में फोर्स तैनात
दूसरी ओर, कुछ व्यक्तियों/संगठनों द्वारा दिए गए अनिश्चितकालीन बंद के आह्वान को देखते हुए राजधानी परिसर के विभिन्न क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से ही फोर्स तैनात कर दी गई थी और 16 फरवरी को धारा 144 लगाई गई थी. बावजूद इसके बड़ी संख्या में छात्र विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकजुट हुए.
प्रदर्शनकारियों में फाड़े राष्ट्रपति के पोस्टर
ये बंद सुबह 5 बजे शुरू हुआ और शुक्रवार की शाम तक नए APPSC अध्यक्ष के निर्धारित शपथ ग्रहण को रद्द करने की मांग को लेकर उम्मीदवारों और उनके माता-पिता सहित हजारों लोग सुबह-सुबह राजधानी शहर की सड़कों पर उतर आए. न्यूज एजेंसी के मुताबिक प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पोस्टरों भी फाड़ दिए, जो 20 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर पूर्वोत्तर राज्य में आने वाली हैं.
पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन
गौरतलब है कि ईटानगर में 16 फरवरी को उम्मीदवारों और अन्य लोगों ने एक विशाल रैली निकाली थी. उन्होंने अरुणाचल एपीपीएससी पेपर लीक घोटाले के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू किया है. उनका कहना है कि इस घोटाले से अभ्यर्थियों को भारी नुकसान हुआ है. जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती. इस विशाल रैली को आकाशदीप से टेनिस कोर्ट ईटानगर तक निकाला गया था. जिसमें सभी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि एपीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष, सचिव, सदस्यों और अन्य अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी हो.