
भारत और चीन के बीच तनाव जारी है. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन की हर चाल का भारतीय जांबाज करारा जवाब दे रहे हैं. इस बीच सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे आज सुबह लद्दाख पहुंचे हैं. जहां उन्होंने दक्षिण पैंगोंग और अन्य जगहों पर हालात का जायजा लिया.
पिछले काफी वक्त से भारत और चीन के बीच सीमा पर विवाद देखने को मिला है. भारत ने एक बार फिर चीन की घुसपैठ की बात कही है. जिसके बाद अब सेना प्रमुख ने लद्दाख में हालात का जायजा लिया है. यहां नरवणे ने परिचालन मुद्दों और जमीनी हालात का जायजा लिया. वहीं बॉर्डर पर जारी तनाव के बीच चीन और भारत के बीच बैठकों का दौर भी जारी है.
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे लद्दाख की दो दिवसीय यात्रा पर हैं. यह यात्रा चीन के दक्षिणी तट पर स्थित पैंगोंग झील के साथ यथास्थिति को बदलने के चीन के नए प्रयासों के मद्देनजर इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा करने के लिए गुरुवार को शुरू हुई.
सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जनरल नरवणे को सेना के शीर्ष कमांडर्स के जरिए स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी. जिसमें सेना की तैनाती और क्षेत्र में भारत की युद्ध तत्परता की निगरानी की जाएगी. सूत्रों ने बताया कि सेनाध्यक्ष लद्दाख क्षेत्र में परिचालन तैयारियों की समीक्षा के लिए लेह की दो दिवसीय यात्रा पर हैं.
नॉर्थ फिंगर 4
इस बीच भारत ने लद्दाख में पैंगोंग इलाके में नॉर्थ फिंगर 4 को फिर अपने कब्जे में ले लिया है. जून महीने के बाद पहली बार भारतीय सेना के कब्जे में ये इलाका पूरी तरह से आ गया है. अब यहां से सबसे निकट की चीनी पोस्ट फिंगर 4 के ईस्ट हिस्से में हैं, जो भारतीय सेना की पॉजिशन से कुछ मीटर की दूरी पर है.
चीन की साजिश नाकाम
बता दें कि 29-30 अगस्त को चीन ने लद्दाख के पैंगोंग लेक इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया. भारतीय सेना को 29 अगस्त की रात एलएसी की तरफ पैंगोंग लेक के दक्षिणी किनारे पर कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता चला. यह चीनी सैनिकों का काफिला था, जिसमें कई जीप और एसयूवी शामिल थे. इस इलाके में पहले से तैनात भारतीय सेना के जवानों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और तेजी से पहाड़ी पर चढ़कर अपना मोर्चा संभाल लिया.
ब्रिगेडियर स्तर की बैठक
वहीं तनाव को कम करने के लिए भारत और चीन के बीच बातचीत का दौर भी जारी है. बुधवार को भी ब्रिगेडियर स्तर की बैठक हुई. हालांकि कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. 29-30 अगस्त की रात को चीन की ओर से घुसपैठ की जो कोशिश हुई थी, उसके बाद ब्रिगेड कमांडर लेवल की बातचीत शुरू हुई थी. लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है.