
सावन की शुरुआत होने से ज्योतिर्लिंगों में भगवान शंकर के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ पहुंचना शुरू हो गई है. द्वादश ज्योतिर्लिंगों में चौथे नंबर पर आने वाले ओंकारेश्वर में भी सावन मास में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है. भक्तों की सुरक्षा और तमाम इंतजाम के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. यहां सामान्य दिनों में तीस -पैंतीस हजार श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है. लेकिन सावन में यह आंकड़ा बढ़कर एक से डेढ़ लाख का हो जाता है. यहां एक तरफ मुख्य मंदिर के छोटे से गर्भ गृह में लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की चुनौती होती है तो वहीं दूसरी ओर नर्मदा के असुरक्षित घाटों में भक्तों को सुरक्षित स्नान के भी इंतजाम करने पड़ते हैं.
एमपी के खंडवा जिले में स्थित है ये मंदिर
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के किनारे एक छोटी सी पहाड़ी पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है. यहां तक पहुंचने के लिए नर्मदा नदी को पार करना पड़ता है. बारिश में नावों से नदी पार करना एक बड़ी चुनौती है.मंदिर से करीब 5 किमी पहले ही वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था बनाई जाती है.ऐसे में मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को लंबा सफर पैदल ही तय करना पड़ता है.
बड़े वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध
पुलिस अधीक्षक मनोज राय ने आज तक को बताया कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में आमतौर पर शनिवार और रविवार छुट्टी के दिन ज्यादा भीड़ बढ़ती है.अब सावन में हर सोमवार भी यही स्थिति रहेगी. यहां भीड़ का प्रबंधन ही महत्वपूर्ण है इसके लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. एसएएफ की दो कंपनियों के साथ ही करीब पांच सौ जवानो का बल इन तीन दिन तैनात रहेगा. बड़ी संख्या में महिला पुलिस भी इस दौरान ड्यूटी पर रहेंगी. ट्रैफिक पुलिस की एक बड़ी टीम पार्किंग व्यवस्था संभालेगी. जिससे पैदल यात्रियों को दिक्कत न हो. बड़े वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है.
यह भी पढ़ें: सावन के पहले सोमवार के मौके पर बिहार में गंगा में डूबने से चार श्रद्धालुओं की मौत
घाटों पर पुख्ता सुरक्षा, बांध से नियंत्रित होगा जलस्तर
घाटों पर भी सुरक्षा के खास प्रबंध किए जा रहे हैं जिसमें एसडीआरएफ की 20 सदस्यीय टीम सक्रिय रहेगी.साथ ही स्थानीय नाविकों को भी प्रशिक्षित किया गया है. सुरक्षा की दृष्टि से सबसे पुराने कोटितीर्थ घाट पर स्नान प्रतिबंधित किया गया है.वहीं नौका संचालन के लिए भी कुछ ही घाटों पर अनुमति दी गई है. नावों में भी सुरक्षा के तमाम इंतजाम के लिए निर्देश दिए गए हैं. कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन को भी निर्देश दिए है कि दिन में नर्मदा का जलस्तर नियंत्रित रखा जाए. बिजली उत्पादन के लिए टरबाइन रात में ही चलाई जाएं.
भीड़ पर नियंत्रण के लिए खास इंतजाम
पुलिस अधीक्षक राय ने बताया कि एक जगह ज्यादा भीड़ न इकट्ठी हो इस पर खास ध्यान दिया जाएगा. सोमवार के अलावा सबसे अधिक भीड़ अमावस्या पर होने की उम्मीद है, जो 5 अगस्त को है. उस दिन यहां भीड़ का आंकड़ा डेढ़ से दो लाख को छू सकता है. इस दिन गर्भगृह में पूजा अभिषेक नहीं होगा. वीआईपी दर्शन व्यवस्था भी नियंत्रित की जाएगी.एसपी ने यह भी बताया की कांवड़ यात्रा के लिए भी सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं.
सिविल हॉस्पिटल में बढ़ेगी व्यवस्था
जिला मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ ओ पी जुगतावत ने बताया कि ओंकारेश्वर के सिविल हॉस्पिटल में अतिरिक्त डॉक्टर्स एवं सहायको की टीम रहेगी. आपात स्थिति में सनावद और खंडवा की टीम तैयार रहेगी.