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'दखल दे केंद्र, चिन्मय दास को जल्द मुक्त कराएं...', बांग्लादेशी हिंदुओं पर बोले केजरीवाल

केजरीवाल ने कहा कि बांग्लादेश में अन्यायपूर्ण तरीके से गिरफ्तार किए गए संत चिन्मय कृष्ण दास जी के साथ पूरा देश एकजुटता के साथ खड़ा है. मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि इस मामले में हस्तक्षेप करके चिन्मयदास जी को जल्द से जल्द मुक्त कराए. 

दिल्ली के पूर्व CM अरविंद  केजरीवाल (फाइल फोटो) दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:06 AM IST

बांग्लादेश में हिंदू धर्मगुरु चिन्मय दास की गिरफ्तारी का भारत में भी विरोध हो रहा है. अब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है.

केजरीवाल ने कहा कि बांग्लादेश में अन्यायपूर्ण तरीके से गिरफ्तार किए गए संत चिन्मय कृष्ण दास जी के साथ पूरा देश एकजुटता के साथ खड़ा है. मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि इस मामले में हस्तक्षेप करके चिन्मयदास जी को जल्द से जल्द मुक्त कराए. 

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बता दें कि इससे पहले विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और उन्हें जमानत नहीं देने पर गहरी चिंता जताई थी. यह मामला बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों द्वारा हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाए जाने के बीच सामने आया है. अल्पसंख्यकों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आगजनी और लूटपाट के साथ-साथ चोरी और तोड़फोड़ और हिंदू मंदिरों को अपवित्र करने के कई मामले सामने आए हैं.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाले अपराधियों की बजाय, शांतिपूर्ण सभाओं के माध्यम से वैध मांगें रखने वाले एक हिंदू पुजारी के खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाया जा रहा है. हम चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों पर भी चिंता व्यक्त करते हैं. हम बांग्लादेश के अधिकारियों से हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं, जिसमें शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार भी शामिल है.

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बता दें कि चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के आरोप में 25 नवंबर को गिरफ्तार किया था. बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें मंगलवार को उन्हें जमानत नहीं दी और जेल भेज दिया. इसके बाद चिन्मय दास के समर्थक सड़कों पर उतर आए और उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू किया. सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प के दौरान पत्रकारों सहित कम से कम 10 लोग घायल हो गए.

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