
मध्य प्रदेश में विदिशा के कलेक्टर के ट्रांसफर पर आज दो दिन बाद अचानक उस समय सियासत गरमा गई जब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस तबादले पर सवाल खड़े कर दिए. ओवैसी ने एक्स पर कहा कि संघ के संगठनों ने मस्जिद में पूजा करने की इजाजत मांगी थी लेकिन जिला कलेक्टर ने एएसआई सर्वे का हवाला देते हुए उसे मस्जिद बताया था. ओवैसी ने कहा कि यही वजह है कि कलेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया.
असदुद्दीन ओवैसी का कहना है, "कलेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया क्योंकि उन्होंने कानून का पालन किया." उन्होंने कहा, "यही वक्फ संशोधन बिल का खतरा है. सरकार कलेक्टर को बहुत ज्यादा अधिकार देना चाहती है. अगर कोई कहता है कि मस्जिद मस्जिद नहीं है तो कलेक्टर को भीड़ की मांग माननी होगी, या फिर उसका तबादला कर दिया जाएगा. कोई भी सबूत पर्याप्त नहीं होगा."
बीजामंडल मस्जिद में मांगी थी पूजा की इजाजत
मध्य प्रदेश के विदिशा में स्थानीय हिंदू समुदाय ने एएसआई-प्रोटेक्टेड बीजामंडल मस्जिद में नाग पंचमी के मौके पर पूजा करने की इजाजत मांगी थी. हिंदू समुदाय का कहना है कि मस्जिद असल में 11वीं सदी में बना मंदिर है, जिसे वे "विजय टेम्पल" कह रहे हैं.
गृह विभाग में किया गया ट्रांसफर
विदिशा कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य ने हिंदू समुदाय की इस मांग को 1951 के एएसआई सर्वे का हवाला देते हुए खारिज कर दिया, जिसमें स्मारक को बीजामंडल मस्जिद बताया गया था. वैद्य का गृह विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर ट्रांसफर किया गया है. उनकी जगह रोशन कुमार सिंह विदिशा के नए कलेक्टर बनाये गए हैं.
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कलेक्टर ने थी कार्रवाई की चेतावनी
बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने हिंदू समुदाय को पूजा करने की इजाजत नहीं देने के साथ ही उन्हें चेतावनी भी दी थी. मसलन, कलेक्टर ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अगर वे वहां (बीजामंडल मस्जिद) में पूजा करने जाते हैं तो उन्हें दो साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. मसलन, इन्हीं चेतावनियों की वजह से कहा जा रहा था कि कलेक्टर का ट्रांसफर किया गया है.