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आसाराम की पैरोल 5 दिन के लिए बढ़ाई गई, इलाज के लिए कोर्ट से मिली है राहत

रेप के मामले में आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से 13 अगस्त को बड़ी राहत मिली थी जब अदालत ने इलाज के लिए आसाराम की 7 दिन की पैरोल मंजूर कर लिया था. पिछले करीब 11 साल में यह पहला मौका है, जब आसाराम पैरोल पर जेल से बाहर आया है.

आसाराम (फाइल फोटो) आसाराम (फाइल फोटो)
अशोक शर्मा
  • जोधपुर,
  • 03 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:48 AM IST

नाबालिग भक्त से बलात्कार मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने आसाराम की पैरोल को 5 दिन के लिए बढ़ा दिया है. बता दें कि इलाज के आसाराम को कोर्ट ने पैरोल दी है. जस्टिस डॉ पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की बेंच ने आसाराम को राहत देते हुए माधव बाग में चल रहे उपचार के लिए आकस्मिक पैरोल को पांच दिन के लिए आगे बढा दिया है. हाईकोर्ट में आसाराम के वकील रामचन्द्र भट्ट की ओर से आकस्मिक पैरोल बढाने का आवेदन पेश किया गया था. 

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डॉक्टर्स की रिपोर्ट पेश की गई

आसाराम के वकील ने माधव बाग अस्पताल के डॉक्टरों की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की. जिसमें डॉक्टर्स ने कुछ और दिन के इलाज की बात कही थी. जानकारी के अनुसार, आसाराम की सेहत में सुधार हुआ है. वहीं, सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने राजस्थान सरकार के पुलिस विभाग और महाराष्ट्र पुलिस विभाग से सुरक्षा को लेकर टेलीफोनिक बातचीत कर सुरक्षा को लेकर जानकारी ली. जिसे कोर्ट में पेश करते हुए बताया कि फिलहाल कानून एवं सुरक्षा को लेकर शांति जताई गई है. 

7 दिन की मिली थी पैरोल

बता दें कि रेप के मामले में आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से 13 अगस्त को बड़ी राहत मिली थी जब अदालत ने इलाज के लिए आसाराम की 7 दिन की पैरोल मंजूर कर लिया था. पिछले करीब 11 साल में यह पहला मौका है, जब आसाराम पैरोल पर जेल से बाहर आया है. उसे पुलिस कस्टडी में इलाज के लिए महाराष्ट्र ले जाया गया है. 

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इस अस्पताल में चल रहा इलाज

महाराष्ट्र के खपोली स्थित माधव बाग अस्पताल में आसाराम का इलाज चल रहा है. हाईकोर्ट ने एमरजेंट पैरोल के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पैरोल का समय खपोली पहुंचने के बाद काउंट किया जाएगा. आने-जाने का समय पैरोल में शामिल नहीं होगा. कोर्ट ने अपने आदेश में आसाराम पर कई तरह की पाबंदियां पर लगाई हैं. इनमें यह निर्देशित किया गया है कि उसके साथ सहायक रहेंगे, जो उसकी सुविधा के अनुसार होंगे. 

24 घंटे होगी पुलिस की पहरेदारी 

आसाराम एक डॉक्टर भी रख सकेगा, लेकिन इसके अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति उपचार के दौरान उससे नहीं मिल सकेगा. जहां आसाराम का निजी कमरे में उपचार होगा, वहां पर 24 घंटे पुलिस का पहरा होगा. वहीं, मीडिया को वहां इजाजत नहीं होगी. पैरोल के लिए आसाराम की ओर से व्यक्तिगत रूप से 50 हजार रुपए का बॉन्ड और 25-25 हजार के दो लोगों की ठोस जमानतें दी गई है. उपचार और आने-जाने के पूरा खर्च आसाराम को उठाना होगा.

यह भी पढ़ें: रेप मामले में सजा निलंबित करने से गुजरात HC का इनकार, अदालत ने खारिज की आसाराम की याचिका

11 साल में पहली बार मिली पैरोल 

पिछले 11 वर्षों से आसाराम जेल में है. आसाराम को गांधीनगर की अदालत ने बलात्कार के मामले में सजा दी थी. इस मामले में आसाराम को सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. आसाराम के खिलाफ रेप का यह मामला साल 2013 में दर्ज हुआ था. हालांकि, पीड़िता के साथ रेप की वारदात साल 2001 से 2006 के बीच हुई थी. 

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गौर करने वाली बात ये है कि पीड़िता की बहन ने ही आसाराम के बेटे नारायण साईं के खिलाफ भी दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था. इस मामले में नारायण साईं को अप्रैल 2019 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

उधर, हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट ने 2013 के बलात्कार मामले में जेल में बंद आसाराम द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था. आसाराम ने अपनी इस याचिका में सजा का निलंबित करने की मांग की थी. अदालत ने याचिका को खारिज कर कहा कि आवेदन पर विचार करने के लिए कोई असाधारण आधार नहीं है. इस मामले में आसाराम को गांधीनगर अदालत ने साल 2023 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

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