
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस की सरकार में देश में हर दिन धमाके होते थे. मुंबई और संसद पर आतंकवादी हमले होते थे. असम सीएम के इस बयान पर बीएसपी सांसद दानिश अली ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें इतिहास और भूगोल की जानकारी नहीं है.
बीएसपी सांसद ने कहा कि संसद पर जब आतंकवादी हमला हुआ था तब बीजेपी की ही सरकार थी. अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री हुआ करते थे और 'बीजेपी के लौहपुरुष' लालकृष्ण आडवाणी गृह मंत्री थे. दानिश अली ने हिमंता की ओर इशारा करते हुए कहा, उन्हें इतिहास और भूगोल के बारे में जानकारी नहीं है.
दानिश अली ने कहा, "शायद हिमंता बिस्वा की याददाश्त कमजोर है या वो जानबूझकर ऐसा बोल रहे हैं. भारतीय सेना इतनी सक्षम और मजबूत है कि सेना ने 1971 में ही, मोदी जी और सरमा का अता-पता नहीं था तब पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे. ये भारतीय सेना है, जिस पर देश के हर व्यक्ति को गर्व है."
हिमंता बिस्वा सरमा ने क्या कहा था?
एमपी के नर्मदापुरम में हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा था, "2009-2010 तक देश में हर दिन धमाके होते थे. मुंबई और संसद पर हमले होते थे. क्या उस दौरान सेना नहीं थी? उन्होंने कहा, अगर कांग्रेस ने पाकिस्तान को सबक सिखाया होता तो हजारों लोगों की जानें बचाई जा सकती थीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आए और इसके बाद से हम पाकिस्तान पर एक बार नहीं दो-दो बार हमलाकर करके आए."
जिन्ना के सपने को पूरा कर रही कांग्रेस: हिमंता
असम सीएम ने कहा था, कांग्रेस के अल्पसंख्यक घोषणापत्र में कहा गया कि अगर पार्टी तेलंगाना में सत्ता में आती है तो वह नौकरी, शिक्षा और सरकारी योजनाओं में अल्पसंख्यकों समेत सभी पिछड़े वर्गों के लिए उचित आरक्षण सुनिश्चित करेगी.
हिमंता ने ट्वीट कर लिखा, अपने लंबे राजनीतिक करियर में मैंने कभी नहीं सोचा था कि कांग्रेस एक धर्म के वोटबैंक पर कब्जा करने की कोशिश में इतना नीचे गिर जाएगी. धर्म आधारित घोषणापत्र लाकर कांग्रेस जिन्ना की मुस्लिम लीग के सपने को पूरा कर रही है.
उन्होंने कहा, सभी देशवासियों को कांग्रेस से सवाल करना चाहिए कि क्या जितनी आबादी उतना हक का नारा मुसलमानों के लिए अवैध आरक्षण को वापस लाने के लिए एक ढकोसला है?