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असम फर्जी मुठभेड़ मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दायर करने के लिए हिमंता सरकार को दिया और समय

असम में हुई कथित फर्जी मुठभेड़ की जांच की मांग करने वाली याचिका को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. अब शीर्ष अदालत ने हिमंता सरकार को चार और सप्ताह का समय दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी एनकाउंटर मामले में असम सरकार को जवाब दायर करने के लिए और समय दिया. सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी एनकाउंटर मामले में असम सरकार को जवाब दायर करने के लिए और समय दिया.
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 2:26 AM IST

असम में फर्जी मुठभेड़ की जांच करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय और बढ़ा दिया है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया गया था कि इस मामले में असम सरकार ने अबतक जवाब दाखिल नहीं किया है, जिसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को चार और हफ्तों का समय दिया है.  

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असम में हुई कथित फर्जी मुठभेड़ की जांच की मांग करने वाली याचिका को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था. वकील आरिफ मोहम्मद यासीन जवादर ने एक सरकारी हलफनामे का हवाला देते हुए जनहित याचिका दायर की थी. इस याचिका में असम में मई 2021 और अगस्त 2022 के बीच 171 में से 80 मुठभेड़ फर्जी बताई गई थी.  

गुवाहाटी हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. जिसके बाद शीर्ष अदालत ने बीते साल 17 जुलाई को असम सरकार समेत सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने को कहा था. 

हिमंता सरकार में 80 फर्जी मुठभेड़ का दावा 

इस याचिका में दावा किया गया है कि मई, 2021 में जबसे हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला, असम पुलिस और विभिन्न मामलों के आरोपियों के बीच 80 से अधिक फर्जी मुठभेड़ हुईं, जिसमें 28 लोगों की मौत हुई.  

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इसमें आगे कहा गया है कि मारे गए लोग खूंखार अपराधी नहीं थे और सभी मुठभेड़ों में पुलिस की कार्यप्रणाली लगभग एक जैसी ही रही. याचिकाकर्ता ने अदालत की निगरानी में किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआई, एसआईटी से इस मामले की जांच की मांग की है. 

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