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Assam Flood: असम में तबाही मचा रही बाढ़, 31 जिलों के 7 लाख लोग प्रभावित, 18 की मौत

असम के कुल 34 में से 31 जिलों में बाढ़ की लहरें तबाही मचा रही हैं. सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. बाढ़ के कारण अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है.

बचाव कार्य में जुटे NDRF और SDRF के जवान (फोटोः पीटीआई) बचाव कार्य में जुटे NDRF और SDRF के जवान (फोटोः पीटीआई)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2022,
  • अपडेटेड 3:21 PM IST
  • हॉफलॉन्ग में भूस्खलन, जमीन धंसी
  • पीड़ितों को किया जा रहा एयरलिफ्ट

पूर्वोत्तर का प्रमुख राज्य असम भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है. असम के कुल 34 में से 31 जिले बाढ़ से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं. बाढ़ के कारण प्रदेश में 18 लोगों की मौत हो चुकी है. सूबे की करीब सात लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है. तेज बारिश के साथ आई बर्बादी की बाढ़ से कई इलाकों का संपर्क अन्य इलाकों से कट गया है.

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असम में कहीं सड़कें टूटी हैं तो पुल बह गए हैं. खेतों में दूर-दूर तक पानी ही पानी नजर आ रहा है. खेतों में इतना पानी जमा है, जैसे इन खेतों में कोई नदी बह रही हो. कामपुर में भारी बारिश के बाद हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में मकान पानी में पूरी तरह डूब गए हैं. कई मकानों की तो बस छत ही दिखाई दे रही है. कामरूप के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सड़क संपर्क कट गया है. इन इलाकों में आवागमन के लिए बस नाव का ही सहारा है. ज्यादातर लोग अपने घर छोड़कर ऊंचाई वाली जगहों पर शरण लिए हुए हैं. जो बच गए हैं, वे भी किसी तरह निकलने की कोशिश में हैं.

ये हाल केवल कामरूप का नहीं, असम के ज्यादातर इलाकों का भी यही हाल है. राज्य के 31 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और 6 लाख 80 हजार से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हैं. 2200 से ज्यादा गांव पानी से घिरे हैं. प्रशासन की ओर से विस्थापितों के लिए 280 से ज्यादा राहत शिविर बनाए हैं जहां बाढ़ पीड़ितों ने शरण ली हुई है. हालात की गंभीरता को देखते हुए असम सरकार ने एक दिन पहले ही सैटेलाइट फोन के साथ नोडल ऑफिसर्स की तैनाती की है ताकि संपर्क बना रहे और किसी आपात स्थिति में तत्काल संपर्क साधा जा सके.

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होजाई जिला सबसे ज्यादा प्रभावित

असम के कुल 34 में से 31 जिले बाढ़ की चपेट में हैं लेकिन होजाई जिले में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. होजाई जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सरकार ने तीन करोड़ रुपये जारी किए हैं. दीमा हसाओ इलाके में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं. हालात इतने गंभीर हैं कि बाढ़ पीड़ितों को एयरलिफ्ट करना पड़ रहा है.

दीमा हसाओ में रेस्क्यू ऑपरेशन को लकेर एनडीआरएफ के कमांडेंट एचपीएस कंडारी ने आजतक से कहा कि बाढ़ से भारी तबाही हुई है. ये इलाके संपर्क प्रदेश के अन्य इलाकों से पूरी तरह कट गया है. उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को एयरलिफ्ट किया गया है. कमोबेश ऐसे ही हालात नौगांव के भी हैं. नौगांव की करीब साढ़े तीन लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है. घरों में पानी भरा है, सड़कें बह गई हैं. लोगों के आवागमन के लिए एकमात्र सहारा नाव ही है.

हॉफलॉन्ग में धंसी जमीन

नौगांव के बाढ़ पीड़ित जोगेश्वर डेका ने कहा कि बाढ़ का पानी ऐसे ही बढ़ता रहा तो बहुत मुश्किल होगी. उन्होंने कई पीड़ित परिवारों के अपना घर छोड़कर बाढ़ से बचने के लिए दूसरी जगह चले जाने की जानकारी दी और ये भी कहा कि सरकार से कोई सहायता नहीं मिली है. हॉफलॉन्ग में भी हालात भयावह हैं. हॉफलॉन्ग में भारी बारिश के बाद भूस्खलन भी हुआ. हॉफलॉन्ग में जमीन धंसने की वजह से कई मकान टूट गए हैं. दीवारों में दरार आ गई है.

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(आजतक ब्यूरो)

 

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