
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा शुक्रवार को हुए ग्रेनेड ब्लास्ट में मारे गए दो लोगों के परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने इस हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को सांत्वाना दी. साथ ही मुख्यमंत्री ने परिजनों को 5 लाख रुपए की मदद देने की घोषणा भी की. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ब्लास्ट वाली जगह का दौरा भी किया.
दरअसल, असम के तिनसुकिया जिले के डिगबोई स्थित ऑयल टाउनशिप में शुक्रवार को ग्रेनेड ब्लास्ट हुआ था. इस हमले में सुरजीत तालुकदार और संजीव सिंह की मौत हो गई. वहीं, कुछ अभी भी घायल बताए जा रहे हैं. शनिवार को सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने सुरजीत और संजीव के परिजनों से मुलाकात की.
हमले के एक दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने ब्लास्ट के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से फोन पर बात की थी. सीएम ने असम पुलिस को हमले को अंजाम देने वाले आरोपियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है.
असमः नॉर्थ ईस्ट के 'चाणक्य' कहे जाने वाले हिमंत बिस्व सरमा ने कैसे मारी बाजी?
ULFA-I ने संघर्षविराम की घोषणा की
वहीं, प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम-इंडिपेंडेंट (ULFA-I) ने शनिवार को अगले तीन महीनों के लिए एकतरफा संघर्षविराम की घोषणा कर दी है. संगठन की तरफ परेश बरुआ उर्फ परेश असोम ने शनिवार को प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से ULFA-I ने अगले तीन महीनों तक अपने सभी ऑपरेशन को रोक दिया है.