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असम: हेमंता बिस्वा शर्मा बोले- धार्मिक शिक्षा देना हमारा काम नहीं, इसलिए मदरसे बंद

आजतक से खास बात करते हुए मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि हमने मदरसों को बंद कर दिया है क्योंकि धार्मिक शिक्षा देना हमारा काम नहीं है.

वित्त और शिक्षा मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा (फाइल फोटो) वित्त और शिक्षा मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा (फाइल फोटो)
मनोज्ञा लोइवाल
  • गुवाहाटी,
  • 15 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST
  • असम में सरकारी मदरसे बंद
  • बीजेपी सरकार ने लिया फैसला

असम सरकार ने सरकारी मदरसों को बंद करने का फैसला किया है. राज्य में चल रहे सभी मदरसों को अब सरकारी स्कूल में बदल दिया जाएगा. वित्त और शिक्षा मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि सभी राज्य सरकार द्वारा संचालित मदरसों को स्कूल में बदल दिया जाएगा और कुछ मामलों में टीचर्स को सरकारी स्कूल में शिफ्ट करके मदरसा बंद किया जाएगा.

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आजतक से खास बात करते हुए मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि हमने मदरसों को बंद कर दिया है क्योंकि धार्मिक शिक्षा देना हमारा काम नहीं है. उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य का ध्यान रखा जाएगा. इन मदरसों से अतिरिक्त धार्मिक विषयों के साथ-साथ अरबी को हटाकर सामान्य स्कूलों में बदल दिया जाएगा.

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वित्त और शिक्षा मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करेगी क्योंकि यह उनके उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता है. उन्होंने (कांग्रेस) धार्मिक पढ़ाई में सरकारी धन खर्च किया है. संस्कृत टोल्स भी बंद कर दिए गए हैं. यह केवल मदरसा नहीं है.  सरकारी पैसों पर सिर्फ कुरान को नहीं पढ़ाया जा सकता है, अगर ऐसा होता है तो बाइबिल और गीता को भी पढ़ाना चाहिए. 

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लव जिहाद पर मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि कई मुस्लिम लड़के फेसबुक पर नकली अकाउंट बनाते हैं और हिंदू नाम लिखकर मंदिरों से अपनी तस्वीरें डालते हैं. फिर जब किसी हिंदू लड़की से शादी होती है, तो सच्चाई सामने आने पर काफी मुश्किलें होती हैं. अब इस बारे में राज्य सरकार सख्ती बरतेगी. 


 

 

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