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उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच बाढ़ से जूझ रहे असम-मणिपुर, लाखों लोग प्रभावित

असम में चक्रवात रेमल के बाद लगातार बारिश के कारण 9 जिलों में बाढ़ की स्थिति से दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. 28 मई से राज्य में बाढ़, बारिश और तूफान में कुल मिलाकर छह लोगों की मौत हो गई है. वहीं मणिपुर का राजभवन भी बाढ़ के पानी से लबालब हो चुका है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि चक्रवात रेमल के बाद पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण मणिपुर के राजभवन में जलभराव हो गया है.

मणिपुर के राजभवन में बाढ़ का पानी भरा मणिपुर के राजभवन में बाढ़ का पानी भरा
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2024,
  • अपडेटेड 4:51 PM IST

उत्तर भारत समेत देश के कई राज्य भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं. कई जगह तो पारा 50 डिग्री को भी पार कर चुका है. वहीं नॉर्थ ईस्ट में बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है. आलम ये है कि असम और मणिपुर जैसे राज्यों में नदियां उफान पर हैं. बाढ़ जैसी स्थिति उतपन्न होने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. इसके मद्देनजर इन राज्यों में अलर्ट भी जारी किया गया है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कराया जा रहा है.

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असम में चक्रवात रेमल के बाद लगातार बारिश के कारण 9 जिलों में बाढ़ की स्थिति से दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. 28 मई से राज्य में बाढ़, बारिश और तूफान में कुल मिलाकर छह लोगों की मौत हो गई है. वहीं मणिपुर का राजभवन भी बाढ़ के पानी से लबालब हो चुका है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि चक्रवात रेमल के बाद पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण मणिपुर के राजभवन में जलभराव हो गया है. इंफाल घाटी में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि हजारों लोग प्रभावित हुए हैं. 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंफाल नदी के तटबंधों के कई स्थानों पर टूट जाने के बाद राजभवन परिसर में पानी जमा हो गया. उन्होंने कहा, "पिछले दो दिनों की तुलना में राजभवन में स्थिति में काफी सुधार हुआ है. समग्र मौसम की स्थिति के आधार पर जल्द ही पानी भरे क्षेत्रों को साफ कर दिया जाएगा." 

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मणिपुर के राज्यपाल ने किया निरीक्षण

इस बीच, मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के प्रवक्ता निंगोमबाम बुपेंडा ने एक्स पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा: "राजभवन बाढ़ में डूब रहा है. मणिपुर के राज्यपाल को राजभवन में जलस्तर की जांच करते देखना दुर्लभ है. इंफाल में अभूतपूर्व बाढ़ के कारण इंफाल क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है. उन्होंने कहा कि बाढ़ के स्तर को तेजी से कम करने की जरूरत है.

मणिपुर के जल संसाधन और राहत एवं आपदा प्रबंधन मंत्री अवांगबौ न्यूमई ने गुरुवार शाम को कहा था कि पूर्वोत्तर राज्य में बाढ़ से कुल 1,88,143 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि कम से कम 24,265 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. नदी के किनारों पर तटबंधों में दरारों के कारण आई भीषण बाढ़ को देखते हुए सरकार ने गुरुवार को दो दिवसीय छुट्टी की घोषणा की. 

असम और मणिपुर की 6 नदियां उफान पर

केंद्रीय जल आयोग ने बताया है कि असम और मणिपुर में ब्रह्मपुत्र और बराक सहित छह नदियां भयंकर बाढ़ का सामना कर रही हैं, जिससे क्षेत्र के कई जिले खतरे में हैं. असम के जोरहाट जिले के नेमाटीघाट में ब्रह्मपुत्र नदी 85.25 मीटर पर बह रही है, जो इसके खतरे के स्तर 85.54 मीटर से 0.29 मीटर ऊपर है, जबकि बराक नदी की स्थिति गंभीर है. मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में छोटाबेकरा में बराक नदी 30.15 मीटर पर है, जो इसके खतरे के स्तर से 3.95 मीटर ऊपर है. 

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सीडब्ल्यूसी के आंकड़ों के अनुसार, यह महत्वपूर्ण वृद्धि आसपास के समुदायों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है. असम में बराक नदी विभिन्न जिलों को प्रभावित करना जारी रखती है. करीमगंज जिले के बदरपुर घाट पर नदी 18.13 मीटर पर है, जो खतरे के स्तर से 1.28 मीटर ऊपर है जबकि कछार जिले के अन्नपूर्णा घाट पर यह 21.52 मीटर पर है, जो खतरे के स्तर से 1.69 मीटर ऊपर है. कछार जिले के फुलेरताल में जलस्तर 25.94 मीटर पर है, जो खतरे के स्तर से 2.06 मीटर ऊपर है, जो स्थिर प्रवृत्ति दर्शाता है. कछार जिले के धोलाई में यह खतरे के स्तर से 0.32 मीटर ऊपर 24.9 मीटर पर है, जो घटने की प्रवृत्ति दर्शाता है. आयोग ने कहा कि नागांव जिले के कामपुर में कोपिली नदी भी गंभीर स्थिति में है, जो 62.08 मीटर पर बह रही है, यह स्तर 60.5 मीटर के खतरे के निशान से 1.58 मीटर ऊपर है. 

गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ग्रस्त राज्यों के CM से की बात

गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ग्रस्त राज्यों के CM से बात की और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम में चक्रवात रेमल के कारण हुई प्राकृतिक आपदाओं से हम बहुत चिंतित हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी स्थिति से अवगत कराया, जिन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की. संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, स्थिति का जायजा लिया और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया. हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं. स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और अधिकारी प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं."

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भयंकर बाढ़ की खबर से चिंतित हूं: राहुल गांधी

वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक्स पर लिखा, "मणिपुर में लगातार बारिश के कारण आई भयंकर बाढ़ की खबर से मैं बहुत चिंतित हूं, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और वे फंसे हुए हैं या विस्थापित हो गए हैं. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं. मैं कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे बचाव और पुनर्वास कार्य में हर संभव सहायता प्रदान करें."

उत्तर भारत में हीटवेव से अब तक 43 लोगों की मौत

देशभर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच अब अलग-अलग राज्यों से लोगों की मौत होने की खबरें सामने आ रही हैं. अब तक देशभर में भीषण गर्मी के कारण 43 लोगों की मौत हो चुकी है. बिहार में 32 लोग गर्मी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं. वहीं, ओडिशा में भी 10 लोगों की जान गर्मी के कारण चली गई है. बिहार में लू से 32 लोगों की मौत हो गयी, जिनमें से 17 औरंगाबाद में, छह आरा में, तीन-तीन गया और रोहतास में, दो बक्सर में और एक पटना में हुई. ओडिशा के राउरकेला में 10 लोगों की मौत हो गई. 

इसके अलावा, झारखंड के पलामू जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई. वहीं ओडिशा में भी 10 लोगों ने जान गवां दी और राजस्थान में 5 व उत्तर प्रदेश में भी 1 शख्स की मौत हुई है. इससे पहले बिहार के दरभंगा के रहने वाले 40 साल के एक शख्स की दिल्ली में लू लगने से मौत हो गई थी. उनके शरीर का तापमान सामान्य से लगभग 10 डिग्री अधिक 108 डिग्री फारेनहाइट तक बढ़ने के बाद कई अंगों की विफलता के कारण उनकी मृत्यु हो गई.

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