
असम-मिजोरम सीमा पर हुई हिंसा (assam mizoram border tension) के बाद असम सरकार की तरफ से अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. इसमें असम सरकार ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि मिजोरम की यात्रा करने से परहेज करें. मिजोरम में रहने वाले असम के लोगों से कहा गया कि वे सावधानी बरतें. फिलहाल दोनों राज्यों के बीच सीमा पर लैलापुर में केंद्रीय बल मौजूद हैं और राज्य पुलिस के कर्मी अपने-अपने सीमा क्षेत्रों में 100 मीटर पीछे तैनात हैं.
असम सरकार ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करके कहा कि 26 जुलाई की घटना के बाद भी छात्र और युवा संगठन असम के लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान दे रहे हैं. दावा किया गया है कि ऐसे लोगों के पास ऑटोमैटिक हथियारों समेत दूसरे हथियार मौजूद हैं, जिसके सबूत असम पुलिस के पास मौजूद वीडियो में हैं.
अब असम सरकार के गृह विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है. इसमें असम के लोगों से सरकार की अपील है कि मिजोरम की यात्रा करने से बचें.
मिजोरम से आने वालीं गाड़ियों की हो चेकिंग
असम के गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया है, जिसमें लिखा है कि मिजोरम से आने वाली हर गाड़ियों की अच्छी तरह से चेकिंग की जाए. आदेश में लिखा है कि असम-मिजोरम बॉर्डर के हर एंट्री पॉइंट पर सख्ती से चेकिंग हो. असम सरकार ने ये आदेश ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए जारी किया है. आदेश में बताया गया है कि पिछले दो महीने में मिजोरम बॉर्डर पर अवैध ड्रग्स के मामले में 912 केस रजिस्टर्ड किए गए हैं, जिसमें 1560 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
असम के छह पुलिसकर्मियों हुए शहीद
सोमवार को मिजोरम और असम के बीच पुराने बॉर्डर विवाद को लेकर संघर्ष हो गया था. इसमें असम के पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे और 50 घायल थे. घायल में से एक अन्य पुलिसकर्मी की बुधवार को मौत हो गई थी. असम सरकार की तरफ से शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है. बुधवार को असम ने एक और बड़ा ऐलान किया था. बताया गया था कि मिजोरम से सटे 3 जिलों में कमांडो बटालियन तैनात की जाएगी.
बता दें कि मिजोरम से लगती असम के कछार और हैलाकांडी जिलों की सीमा पर पिछले साल से तनाव बढ़ा है. वहां मकानों को जलाने एवं जमीन पर अतिक्रमण करने की घटनाएं सामने आई हैं. दोनों राज्यों के बीच 164.6 किलोमीटर लंबी सीमा है.