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असम में बंद होंगे सरकारी मदरसे, मंत्री बोले- सरकार के पैसों से सिर्फ कुरान नहीं पढ़ा सकते

असम सरकार ने सरकारी मदरसों को बंद करने का फैसला किया है. इसका ऐलान कर दिया गया है और नवंबर में नोटिफिकेशन जारी करके इन्हें बंद कर दिया जाएगा.

असम के शिक्षा और वित्त मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा (फेसबुक) असम के शिक्षा और वित्त मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा (फेसबुक)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 10:32 AM IST
  • असम में बंद किए जाएंगे सरकारी मदरसे
  • राज्य सरकार नंवबर में लाएगी नोटिफिकेशन

असम की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सरकारी मदरसों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य में चल रहे सभी मदरसों को अब सरकारी स्कूल में बदल दिया जाएगा. राज्य सरकार में वित्त और शिक्षा मंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने इसका ऐलान किया है. 

हेमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि सभी राज्य सरकार द्वारा संचालित मदरसों को स्कूल में बदल दिया जाएगा और कुछ मामलों में टीचर्स को सरकारी स्कूल में शिफ्ट करके मदरसा बंद किया जाएगा. इसके लिए नवंबर में नोटिफिकेशन निकाल दिया जाएगा. 

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मंत्री ने कहा कि सरकारी पैसों पर सिर्फ कुरान को नहीं पढ़ाया जा सकता है, अगर ऐसा होता है तो बाइबिल और गीता को भी पढ़ाना चाहिए. ऐसे में इस प्रक्रिया को सरकार ने बंद करने का फैसला किया है. 

असम सरकार के मंत्री बोले कि कई मुस्लिम लड़के फेसबुक पर नकली अकाउंट बनाते हैं और हिंदू नाम लिखकर मंदिरों से अपनी तस्वीरें डालते हैं. फिर जब किसी हिंदू लड़की से शादी होती है, तो सच्चाई सामने आने पर काफी मुश्किलें होती हैं. अब इस बारे में राज्य सरकार सख्ती बरतेगी. 

हेमंता बिस्वा शर्मा बोले कि अगले पांच साल इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी शादी जबरदस्ती ना हो. हम ऐसी किसी भी शादी के खिलाफ हैं जो धोखेबाजी से की गई हो.

हालांकि, प्राइवेट मदरसों के साथ भी क्या यही नियम लागू किया जाएगा, इसके बारे में अभी मंत्री की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है. राज्य में करीब 600 से अधिक ऐसे मदरसे हैं जो पूरी तरह से सरकार द्वारा ही चलाए जाते हैं. 

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