
दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्ल्त को लेकर शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज और जल मंत्री आतिशी ने दिल्ली सचिवालय में चीफ सेक्रेटरी समेत अन्य बड़े अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की. बैठक के बाद जल मंत्री आतिश ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से पानी का संकट बना हुआ है. दिल्ली के कई हिस्से ऐसे हैं जहां पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है.
इसका मुख्य कारण हरियाणा से दिल्ली में यमुना का पानी न छोड़ना है. दिल्ली यमुना के पानी पर निर्भर है. यमुना नदी के पानी से दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चलते हैं. दिल्ली में जब यमुना आती है तो वजीराबाद पॉड पर पानी रोका जाता है. वहां से तीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जिसमें वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला प्लांट को पानी दिया जाता है. आज सुबह निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यमुना नदी का लेवल 674 फीट की बजाय 670.3 फीट रह गया है. इस वजह से वजीराबाद चंद्रावल और ओखला प्लांट से आने वाली सप्लाई पर असर पड़ेगा.
जल मंत्री आतिशी ने बताया कि दिल्ली सरकार इस मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल कर रही है. सुप्रीम कोर्ट के सामने मांग रखेंगे कि हरियाणा और उत्तरप्रदेश को आदेश दिया जाए कि दिल्ली वालों को हक का पानी मिले.
इसके साथ ही आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा कई इमरजेंसी कदम उठाए जा रहे हैं.
1. वॉटर टैंकर के लिए एक सेन्ट्रल वॉर रूम दिल्ली जल बोर्ड दफ़्तर में बनाया जा रहा है. यह वॉर रूम एक सीनियर आईएएस अफसर द्वारा हैंडल किया जाएगा. यह सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर होगा. दिल्ली के जो लोग पानी का टैंकर चाहते हैं वह 1916 पर कॉल करके वॉटर टैंकर बुला सकते हैं.
2. दिल्ली में 5 जून को सभी 11 वाटर जोन में एक ADM और SDM लेवल अधिकारी नियुक्त होंगे. ये अधिकारी क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाएंगे. जहाँ जहाँ पानी की कमी के हॉटस्पॉट होंगे, ये अधिकारी टैंकर पहुँचाने और पानी समस्या दूर करने के लिए ग्राउंड पर मौजूद रहेंगे.
3. दिल्ली में जहां-जहां बोरवेल का इस्तेमाल किया जाता है. दिल्ली जल बोर्ड के इलेक्ट्रिकल विभाग की टीम बनाई जाएगी जो जांच करेगी कि कोई भी बोरवेल खराब न हो.
4. दिल्ली जल बोर्ड की 200 इनफ़ोर्समेंट टीम पानी की बर्बादी की जांच करेंगे. इस टीम को सीनियर आईएएस अधिकारी हेड करेंगे.
5. दिल्ली की कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पानी के टैंकर, पाइपलाइन या बोरवेल से पानी का इस्तेमाल करने पर प्रतिबन्ध लगाया जाता है. अगर कोई भी कंस्ट्रक्शन साइट पीने के पानी का इस्तेमाल करेगा तो उन साइट्स को MCD टीम द्वारा सील किया जाएगा. MCD की टीम शुक्रवार से निरीक्षण शुरू करेगी.
6. कार रिपेयरिंग और कार वाशिंग सेंटर दिल्ली जल बोर्ड के पीने के पानी का इस्तेमाल करते हैं. यहां पर भी पीने के पानी के इस्तेमाल पर प्रतिबन्ध लगाया जा रहा है. दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमिटी(DPCC) की टीम शुक्रवार से कार वाशिंग और कार रिपेयरिंग सेंटर का निरीक्षण करेंगी. अगर कोई भी सेंटर पीने के पानी का इस्तेमाल करेगा तो उन साइट्स को DPCC टीम द्वारा सील किया जायेगा.
जल मंत्री ने दिल्ली वालों से अपील करते हुए कहा कि इस आपातकालीन स्थिति के 2 कारण हैं. एक तरफ दिल्ली में हीट वेव है तो दूसरी तरफ हरियाणा से दिल्ली को पानी नहीं दिया जा रहा है. दिल्ली वालों से अपील है कि इस आपातकालीन स्थिति में सरकार का सहयोग करें. पानी का कम से कम इस्तेमाल करें. पानी की बर्बादी न करें. दिल्ली वाले अगर साथ आएंगे तो इस जल संकट से सामना कर सकेंगे.
वहीं, बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में हीट वेव चल रही है. हीट वेव में जल विभाग और स्वास्थ्य विभाग की अहम जिम्मेदारी होती है. बिना अपने मंत्रियों को बताए या बिना अनुमति लेकर स्वास्थ्य विभाग के सचिव छुट्टी पर हैं. वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के CEO भी छुट्टी पर हैं. मैं कई दिन से बीमार हूं और मंत्री आतिशी के केबिन में दवाई लेकर आया हूँ. हमें नहीं पता कि क्यों छुट्टी पर हैं. आज जब मीटिंग में पूछा गया तो मुख्य सचिव ने बताया कि दोनों अधिकारी को उन्होंने छुट्टी दी है. ये हैरान करने वाली बात है कि दोनों मंत्रियों को बताए अधिकारियों को छुट्टी दी गयी.
पानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी के सवाल पर मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी है और सारा देश एक है. अगर आसपास के राज्यों में थोड़ी भी पानी देने की गुंजाइश है तो वो राज्य कुछ दिनों के लिए पानी दे दें ताकि दिल्ली का पानी संकट दूर हो सकें. दिल्ली को 50, 100, 200 MGD पानी मिल जाए या वज़ीराबाद पॉन्ड पर 50MGD पानी मिल जाए तो काम हो जाएगा.
जब जल मंत्री आतिशी से पूछा गया कि हरियाणा से कितना पानी दिल्ली आता है तो उन्होंने कहा कि जो पानी नदी से आता है उसे पानी को लिफ्ट करके वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाता है. अगर नदी में पानी नहीं आ रहा है तो वह पानी लिफ्ट होकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में कैसे जाएगा. अगर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी नहीं होगा तो, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई कैसे होगी. क्योंकि वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के पॉन्ड पर यमुना नदी का जलस्तर 674 फ़ीट की बजाय 670.3 फ़ीट रहा गया है, इसलिए तीनों वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला प्लांट में पानी के उत्पादन पर असर पड़ रहा है.