
भारत समेत दुनियाभर के राम भक्त 22 जनवरी के ऐतिहासिक दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब उनके रामलला अपने भव्य मंदिर के गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठित किए जाएंगे. उससे पहले राम मंदिर समेत पूरी अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया-संवारा गया है. फूलों की खुशबू में लिपटे और रंग बिरंगी लाइटों की रोशनी में नहाए राम मंदिर की भव्यता देखते ही बन रही है.
राम मंदिर के अंदर और बाहर तरह-तरह के फूलों से सजावट की गई है. इसके अलावा शानदार लाइटिंग के चलते राम मंदिर बहुत ही मनोरम नजर आ रहा है. मंदिर के मुख्य द्वार को भी अलग-अलग तरह के फूलों से सुसज्जित किया गया है.
इसके अलावा पूरे श्रीराम जन्मभूमि परिसर को एक अलग रूप दे दिया गया है. परिसर के मुख्य द्वार पर गेंदे के फूलों से वेलकम नोट लिखा गया है, ’प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में आए हुए सभी भक्तों का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट स्वागत करता है’.
बता दें कि राम मंदिर का निर्माण मशहूर वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा की देखरेख में शास्त्रीय परंपरा के अनुसार नागर शैली में हुआ है. इसकी लंबाई पूर्व से पश्चिम की ओर 380 फीट, जबकि चौड़ा उत्तर से दक्षिण की ओर 250 फीट है. फिलहाल प्रथम तल बनकर तैयार हुआ है.
निर्माण पूरा होने के बाद राम मंदिर की नींव से शिखर तक की ऊंचाई 161 फीट होगी. राम मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर देवी.देवताओं के चित्र उकेरे गए हैं. पूरी तरह बनने के बाद मंदिर में कुल तीन मंजिल होंगे. हर मंजिल की ऊंचाई 20 फीट रखी जाएगी. इसमें कुल 392 स्तंभ और 44 दरवाजे होंगे.
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य यजमान होंगे. पीएम प्राण प्रतिष्ठा के लिए 11 दिन का विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं, जिसके तहत वह यम नियमों का पालन कर रहे हैं. वह जमीन पर सो रहे हैं और आहार में सिर्फ नारियल पानी का सेवन कर रहे हैं. इसके अलावा वह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर विशेष मंत्रों का जाप भी कर रहे हैं.
ये मंत्र उन्हें सिद्ध संतों से प्राप्त हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 12 जनवरी से अपने 11 दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत की थी. तबसे वह हर दिन देश के अलग अलग मंदिरों में जा रहे हैं और वहां दर्शन पूजन कर रहे हैं. वह अब तक नासिक, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु के विभिन्न मंदिरों में जा चुके हैं. ये सभी मंदिर किसी न किसी प्रकार से भगवान राम से जुड़े हुए हैं.