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योग गुरु बाबा रामदेव ने गुरुवार को प्रयागराज महाकुंभ और दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. आजतक की मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप को दिए इंटरव्यू में दिल्ली में सीएम आवास को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस कंट्रोवर्सी को सही नहीं मानता हूं. बात ये होनी चाहिए कि सत्ता में रहकर कौन अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है. देश में तीन तरह की राजनीति होनी चाहिए. पहला यह कि प्रजा की तत्काल क्या जरूरत है. दूसरा यह कि भारत को दीर्घकाल में कहां लेकर जाना है. इसके अलावा संसाधनों को लेकर बात करना चाहिए.
जब बाबा रामदेव से आम आदमी पार्टी की तरफ से पुजारियों को 18000 रुपये महीने देने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ये तो है कि अब राजनीति में धर्म का तड़का जोर का लग रहा है. मुझे लगता है कि ये सबके लिए होना चाहिए. हमारे संबंध सबसे अच्छे हैं. चाहे अन्ना हजारे हो या फिर पीएम. अध्यात्म ही सत्य है. राजनीति का सत्य सत्ता है. व्यापार का सत्य मुनाफा है. मीडिया का सत्य ब्रेकिंग. किसान का फसल की पैदावार से है. हर एक चीज का एक सत्य है.
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बाबा रामदेव ने यमुना की सफाई पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई होनी चाहिए. मैं तो कहूंगा कि पूरे देश की सफाई होनी चाहिए. वातावरण में शुद्धता होनी चाहिए. यह हमारा संवैधानिक अधिकार है. मैं सिद्धांत की बात करूंगा. इंटरव्यू में जब बाबा रामदेव से अन्ना हजारे के आंदोलन वाले केजरीवाल और अब के केजरीवाल को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि आंदोलन के समय बगावत की मुद्रा दिखी थी. लेकिन अब वे एक राजनेता हैं. राज का अर्थ है राज यानि सत्ता. ऐसे में उसे पाने के लिए सभी प्रयत्न करते हैं. ठीक उसी तरह केजरीवाल भी कर रहे हैं.
'दिल्ली में किसकी सरकार बनते देखना चाहते हैं?'
बाबा रामदेव ने कहा कि मैं तो चाहता हूं कि जिसकी भी सरकार बने, उसमें जनता का सरोकार हो. मैंने तो हमेशा से सरोकार को लेकर काम किया. हमारा देश आगे बढ़े और बच्चे अश्लीलता से दूर रहें.
महाकुंभ पर भी बाबा रामदेव ने दिया जवाब
सनातन को बढ़ाने के लिए हमें कुछ प्रयत्न करना चाहिए. महाकुंभ सियासत का पर्व नहीं है. ये धर्म का पर्व है. इसमें चिंतन और मंथन की बात होनी चाहिए. हमारे सनातन पर कोई प्रश्न उठाए तो उसका खड़े होकर प्रतिकार करें. सनातन के ऊपर आघात करने वालों का प्रतिकार करना चाहिए. सरकारी संत, निष्पक्ष संत, अखाड़े के संत पर विवाद नहीं करना चाहिए. संत और साधु में विवाद नहीं होना चाहिए. सभी जातियों को एक रहना चाहिए.
बाबा रामदेव ने कहा कि मैं सनातन धर्म का हूं और मुझे सनातन धर्म पर गर्व है. मैं तो चाहता हूं कि इस महाकुंभ पर किसी भी प्रकार की सियासत नहीं होना चाहिए. सभा को राजधर्म का पालन करना चाहिए. वहीं, सनातन बोर्ड को लेकर उन्होंने कहा कि जब वक्फ बोर्ड हो सकता है तो सनातन बोर्ड क्यों नहीं हो सकता है. इस पर मिलकर काम करना चाहिए.