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बाबरी केसः सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 30 सितंबर तक बढ़ाई समय सीमा

सुप्रीम कोर्ट ने अब 30 सितंबर तक सुनवाई पूरी करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कर रहे लखनऊ के विशेष जज की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को बाबरी केस की सुनवाई के लिए और समय देने का फैसला किया.

सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट
अनीषा माथुर
  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:07 PM IST
  • पहले भी दो बार बढ़ चुकी है समय सीमा
  • 31 अगस्त तक पूरी होनी थी सुनवाई
  • लालकृष्ण आडवाणी भी हैं आरोपी

बाबरी मस्जिद विध्वंस केस की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर समय सीमा बढ़ा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने अब 30 सितंबर तक सुनवाई पूरी करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कर रहे लखनऊ के विशेष जज की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को बाबरी केस की सुनवाई के लिए और समय देने का फैसला किया. 

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सुप्रीम कोर्ट ने पहले इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त तक पूरी करने को कहा था. गौरतलब है कि जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने विशेष जज को तय समय के अंदर इस मामले की सुनवाई पूरी हो जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज करने को कहा था. यह कोई पहला मौका नहीं है, जब बाबरी विध्वंस केस की सुनवाई के लिए समय सीमा बढ़ाई गई हो.

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इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए पहले 30 अप्रैल, फिर 31 अगस्त तक सुनवाई पूरी करने के लिए समय सीमा बढ़ाई थी. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल जुलाई में 6 महीने में बयान दर्ज करने और उसके बाद तीन महीने में फैसला सुना देने को कहा था. लेकिन मामले की सुनवाई कर रहे विशेष जज ने सुप्रीम कोर्ट से और समय की मांग की थी.

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बता दें कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के साथ ही मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह और उमा भारती और विश्व हिंदू परिषद के कई नेता आरोपी हैं. इस मामले की सुनवाई के दौरान तीन आरपियों की मौत भी हो चुकी है. इनमें विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर और विष्णु हरि डालमिया शामिल हैं.

 

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