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बिट्टू बजरंगी के 15 साथी कौन हैं? जिनकी नूंह पुलिस को है तलाश, महिला SP के सामने लहराई थीं तलवारें

हरियाणा पुलिस अब उन 15 लोगों की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जिन्होंने बिट्टू बजरंगी के साथ मिलकर महिला एसपी के सामने तलवारें लहराई थीं. बिट्टू से उनके बारे में लगातार पूछताछ की जा रही है. इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने खुद को बिट्टू बजरंगी से अलगर कर लिया है.

बिट्टू बजरंगी (File Photo) बिट्टू बजरंगी (File Photo)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST

हरियाणा के नूंह में हिंसा फैलाने के आरोप में बिट्टू बजरंगी को गिरफ्तार किया जा चुका है. अब पुलिस को बिट्टू के उन 15 साथियों की तलाश है, जिन्होंने महिला एसपी के सामने तलवारें लहराई थीं. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बिट्टू बजरंगी से लगातार पूछताछ कर रही है. 

विश्व हिंदू परिषद ने खुद को बिट्टू बजरंगी से अलग कर लिया है. विश्व हिंदू परिषद ने खुद को बजरंग दल कार्यकर्ता बताने वाले बिट्टू के साथ कोई भी संबंध होने से इनकार कर दिया है. वीएचपी ने कहा है कि बिट्टू का बजरंग दल के साथ कभी कोई संबंध नहीं रहा है. उसने जो वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, विश्व हिंदू परिषद भी उसे गलत मानती है.

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गोरक्षा बजरंग फोर्स का चीफ है बिट्टू

बता दें कि बिट्टू को 31 जुलाई को नूंह में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया है. गोरक्षा बजरंग फोर्स नामक संगठन के अध्यक्ष बजरंगी को तावडू (मेवात) की अपराध जांच एजेंसी ने फरीदाबाद से हिरासत में लिया था. बाद में नूंह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. 

ब्रजमंडल शोभायात्रा पर हुआ था पथराव

दरअसल, 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह में निकाली गई ब्रजमंडल शोभायात्रा पर पथराव हुआ था. देखते ही देखते यह पथराव दो समुदायों में हिंसा में बदल गया था. सैकड़ों कारों को आग लगा दी गई थी. साइबर थाने पर भी हमला किया गया था. उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया था. नूंह के बाद सोहना में भी पथराव और फायरिंग हुई थी. इसके बाद हिंसा की आग नूंह से फरीदाबाद-गुरुग्राम तक फैल गई थी. नूंह हिंसा में दो होमगार्ड समेत 6 लोगों की मौत हुई थी.

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भिवानी में बोलेरो के अंदर मिले थे कंकाल

हरियाणा के मेवात-नूंह इलाके में फैली हिंसा का संबंध गो-तस्करी से है. दरअसल, इसी साल फरवरी में हरियाणा के भिवानी में जली हुई बोलेरो में दो कंकाल मिले थे. मृतकों की पहचान नासिर (25) और जुनैद (35) के तौर पर हुई थी. ये दोनों कथित तौर पर गो तस्कर थे. इन दोनों की हत्या का आरोप मोनू मानेसर और उसके गोरक्षक साथियों पर लगा था. हालांकि, मोनू मानेसर अब तक गिरफ्तार नहीं हुआ. नासिर और जुनैद की हत्या के बाद से मुस्लिम समुदाय में मोनू मानेसर के प्रति गुस्सा था.

शोभायात्रा में शामिल हुआ था बिट्टू

इसी बीच जुलाई में हिंदू संगठनों ने हर साल की तरह इस बार भी शोभायात्रा निकालने का ऐलान किया. यात्रा से कुछ दिन पहले मोनू मानेसर ने लोगों से बजरंग दल के सदस्यों द्वारा निकाली जाने वाली शोभा यात्रा में शामिल होने की अपील की थी. मोनू मानेसर ने कहा था कि वह इस शोभायात्रा में शामिल होगा, उसके साथ उसकी टीम भी शामिल होगी. हालांकि, मोनू शामिल नहीं हुआ. जबकि बिट्टू बजरंगी इसमें शामिल हुआ और उसने इसका वीडियो भी शेयर किया था. इसमें वह भगवा पोशाक में नजर आ रहा था. इसमें गाना भी बज रहा था, 'गोली पे गोली चलेंगी, बाप तो बाप रहेगा'.

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मुस्लिम समुदाय ने जतााय था गुस्सा

एक अन्य लाइव वीडियो में बिट्टू कहता है, 'ये बोलेंगे कि बताया नहीं कि हम ससुराल आए और मुलाकात नहीं हुई फूल माला तैयार रखना, जीजा आ रहे हैं. बिलकुल 150 गाड़ियां हैं.' इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गुस्सा जताया था. इतना ही नहीं मोनू के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी. सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें न सिर्फ मोनू को आने की चुनौती दी गई थी, बल्कि धमकियां भी दी गई थीं.

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