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दिल्ली-NCR में पटाखों पर रोक जारी, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की रिपोर्ट के आधार पर दिया, जिसमें पाया गया कि ग्रीन पटाखों से पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% कम प्रदूषण होता है.

सुप्रीम कोर्ट का पटाखों से बैन हटाने से इनकार सुप्रीम कोर्ट का पटाखों से बैन हटाने से इनकार
सृष्टि ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 4:29 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री, निर्माण और भंडारण पर सालभर के प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया. याचिकाकर्ताओं को कोर्ट ने सलाह दी कि वे ग्रीन पटाखों की गुणवत्ता में सुधार कर उनके उत्सर्जन को और कम करें, उसके बाद ही राहत की उम्मीद करें.

सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की रिपोर्ट के आधार पर दिया, जिसमें पाया गया कि ग्रीन पटाखों से पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% कम प्रदूषण होता है.

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पटाखा निर्माताओं को सुधार करने की सलाह

कोर्ट ने कहा कि यह पटाखा निर्माताओं की जिम्मेदारी है कि वे ग्रीन पटाखों को और बेहतर बनाएं. यदि ग्रीन पटाखों से होने वाला प्रदूषण न्यूनतम स्तर पर आ जाता है, तो प्रतिबंध पर पुनर्विचार किया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली और हरियाणा सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू किया है, जिसमें ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक शामिल है. वहीं, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को निर्देश दिया गया कि वे भी इस प्रतिबंध को लागू करें और दो हफ्ते के भीतर अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें.

पराली जलाने पर सख्ती

सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने के मुद्दे पर भी निर्देश जारी किए. कोर्ट ने सभी एनसीआर राज्यों को कहा कि वे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा जारी किए गए निर्देशों को सख्ती से लागू करें. एनसीआर राज्यों को अपने मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक समिति गठित करने का आदेश दिया गया है, जो इन निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करेगी. इसके अलावा, हर महीने की 10 तारीख तक रिपोर्ट सीएक्यूएम को सौंपनी होगी. यदि आवश्यक हुआ, तो सीएक्यूएम इस रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट से नए निर्देश मांग सकता है.

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