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Exclusive: बंगाल रेल हादसे के 'सुपरहीरो'! सबसे पहले बढ़ाया मदद का हाथ, ममता सरकार देगी सरकारी नौकरी

बंगाल रेल हादसे में लोगों की मदद करने वाले स्थानीय लोगों के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने सिलीगुड़ी दौरे पर हादसे का शिकार हुए लोगों की मदद करने वाले स्थानीय लोगों की सराहना की. साथ ही ममता ने सबसे पहले हाथ बढ़ाकर लोगों की मदद करने वाले लोगों को तोहफा दिया है.

Rail accident: ट्रेन हादसों को कैसे रोकता है कवच? Rail accident: ट्रेन हादसों को कैसे रोकता है कवच?
aajtak.in
  • सिलीगुड़ी,
  • 18 जून 2024,
  • अपडेटेड 4:49 PM IST

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सोमवार को हुए रेल हादसे में घायलों और रेल यात्रियों की मदद करने वाले स्थानीय लोगों की मदद के लिए उन्हें तोहफा देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी दौरे पर ट्रेन हादसे के राहत-बचाव कार्य में प्रशासन की मदद करने वाले स्थानीय लोगों की सराहना की. ममता ने उन्हें अपनी इस मदद के इनाम के तौर पर नौकरी देने का ऐलान किया है.

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ममता बनर्जी ने की लोगों की तारीफ

हादसे के बाद सिलीगुड़ी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे का शिकार हुए लोगों की मदद करने वाले स्थानीय लोगों की सराहना की. ममता ने उन्हें अपनी इस मदद के इनाम के तौर पर नौकरी देने का ऐलान किया है.

वहीं, ममता द्वारा नौकरी देने के ऐलान के बाद सभी लोगों ने राज्य सरकार का आभार जताया है. इस बारे में जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि हमने तो सिर्फ एक इंसान के रूप में अपना काम किया है. हमने ये काम कोई सरकारी नौकरी पाने या किसी अन्य तारीफ के लिए नहीं किया. फिर भी अगर हमें सरकारी नौकरी मिल जाए तो यह हमारे लिए काफी बड़ी बात होगी.

लोगों ने दी थी प्रशासन को हादसे की जानकारी

सोमवार को ईद की नमाज अदा कर आ रहे कुछ स्थानीय लोगों को एक तेज आवाज सुनाई दी और भूकंप के झटके जैसा महसूस हुआ. इसके बाद ये लोग घटनास्थल पहुंचे और हादसे के बारे में पुलिस प्रशासन को सूचना दी और खुद बचाव कार्य शुरू कर दिया. 

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स्थानीय लोगों ने प्रशासन के आने से पहले अपने संपर्कों की मदद से 8 से 10 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन कई लोगों की स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने उन्हें कंधों पर उठाकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. बाद में एंबुलेंस आने के बाद उन्होंने 20 से 30 यात्रियों को बचाया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. उनमें से कुछ लोगों ने ट्रेन के बोगी में से शवों को भी बाहर निकाला.

ट्रेन हादसे का शिकार हुए लोगों की मदद करने वाले लोगों में स्कूली छात्र, किसान और कुछ कामगार लोग शामिल हैं. ये शामिल लोग ईद की नमाज अदा कर लौट रहे थे. साथ ही उन्होंने ट्रेन के अन्य यात्रियों के लिए पानी और बिस्कुट की भी व्यवस्था की.

यह भी पढ़ें: बंगाल रेल हादसा: राहत-बचाव के बाद अब ट्रैक बिछाने का काम जारी, ट्रेन से टकराई थी मालगाड़ी

पुलिस को सौंपा सामान

ट्रेन हादसे के बाद मदद करने पहुंचे स्थानीय लोगों ने यात्रियों के  मोबाइल फोन, पर्स और अन्य सामान को एक जगह इकट्ठा कर पुलिस को सौंप दिया.

वहीं, नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज ब्लड सेंटर के निदेशक मृदुमोय दास ने बताया कि हमारे स्टॉक में लगभग 100 यूनिट ब्लड था. जरूरत को देखते हुए मैंने सभी जूनियर डॉक्टरों से ब्लड डोनेट करने का अपील की. इसके बाद कई छात्रों ने ब्लड डोनेट किया, जिसके बाद हमारे पास 150 यूनिट ब्लड हो गईं. मैं ब्लड देने वाले सभी लोगों की सराहना करता हूं.

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आपको बता दें कि सोमवार सुबह करीब नौ बजे बंगाल में कंचनजंगा एक्सप्रेस को एक मालागाड़ी ने सियालदह में टक्कर मार दी. इस 10 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए. हादसे के20 घंटे बाद सामान्य रूप से ट्रेन का परिचालन शुरू हो गया है. दोनों ही अप और डाउन साइट पर ट्रेन अब सामान्य रूप से दौड़ रही हैं. इस मामले में यात्री की शिकायत पर मालगाड़ी के दोनों पायलट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

10 लोगों के सामने आए नाम

मोहम्मद अकबर
एमडी हसन
मोहम्मद अज़हर
एमडी मसकादुल
फहीरुद्दीन
मोहम्मद नजीर हुसैन
मोहम्मद अनवर
मोहम्मद मेहबूब आलम
मोहम्मद रहीम हुसैन
मोहम्मद फिरदौस आलम

चालक की चूक आई सामने

दार्जिलिंग जिले में रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि इस घटना में प्रथम दृष्टया मालगाड़ी चालक की बड़ी चूक सामने आ आई है. मालगाड़ी को रुकने का सिग्नल दिया गया था लेकिन ट्रेन चालक ने सिग्नल की अनदेखी कर कंचनजंगा एक्सप्रेस को टक्कर मार दी. इस वजह से पैसेंजर ट्रेन के सबसे पीछे का गार्ड का डिब्बा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और आगे दो पार्सल वैन के डिब्बे थे, जो क्षतिग्रस्त हुए. ये एक तरफ के मानवीय चूक का मामला है.

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