
बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पाकिस्तान के कुछ नागरिक फर्जी नाम और पहचान के साथ छिपकर रह रहे थे. मंगलवार को पुलिस ने परवेज नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने 22 पाकिस्तानियों को नाम बदलकर कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में रहने की मदद की. यह लोग हिंदू नामों का इस्तेमाल कर अपनी असली पहचान छिपा रहे थे.
कुछ दिन पहले बेंगलुरु के बाहरी इलाके जिगनी से एक परिवार के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान पता चला कि वे सभी पाकिस्तान के नागरिक थे, जिसके बाद पुलिस ने इस तरह के अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पहले गिरफ्तार हुए लोगों की मदद से पुलिस ने और सुराग जुटाए और जांच आगे बढ़ाई.
इस जांच के तहत पुलिस ने बेंगलुरु के पीन्या इलाके से तीन और पाकिस्तानियों को गिरफ्तार किया, जो अपनी असली पहचान छिपाकर वहां रह रहे थे. पूछताछ में पता चला कि दावणगेरे जिले में भी कुछ पाकिस्तानी नागरिक फर्जी नामों के साथ रह रहे हैं. पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया है.
इस पूरे मामले की तहकीकात में पुलिस ने पाया कि परवेज इन पाकिस्तानियों को फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र बनवाने में मदद कर रहा था. उसके कारण ये लोग आसानी से अपनी पहचान छुपाकर कर्नाटक के कई हिस्सों में रह रहे थे. परवेज की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है.
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. यह सामने आया है कि ये लोग फर्जी तरीके से कागजात बनवाकर भारत में लंबे समय से रह रहे थे और सिस्टम की आंखों में धूल झोंक रहे थे. कर्नाटक पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इन लोगों के संबंधों और गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है.