सिंधु बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि हम बुराड़ी नहीं जाना चाहते हैं. हमें रामलीला मैदान जाने की इजाजत दी जाए, क्योंकि हम हरियाणा और दिल्ली के लोगों को दिक्कत नहीं देना चाहते.
विपक्षी पार्टियों का एक प्रतिनिधिमंडल कल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेगा. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और अन्य नेता राष्ट्रपति से मिलेंगे. सीपीआई (एम) के नेता सीताराम येचुरी ने ये जानकारी दी. कोविड प्रोटोकॉल के तहत सिर्फ पांच लोगों को ही मिलने की इजाजत दी गई है.
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बयान दिया है कि शाम को 7 बजे किसान नेताओं की गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक है. चक्का जाम खत्म होने के बाद किसान सिंधु बॉर्डर जाएंगे और फिर गृह मंत्री से मिलने जाएंगे.
दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर लगे बैरिकेड को AAP कार्यकर्ताओं ने तोड़ने की कोशिश की. अब से कुछ देर में यहां मनीष सिसोदिया पहुंचेंगे.
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने मंगलवार को कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात की. हरियाणा में किसानों के प्रदर्शन का व्यापक असर देखने को मिला है. इस बीच सरकार की ओर से लगातार कृषि कानून के फायदे गिनाए जा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भारत बंद के दौरान भीम आर्मी के समर्थकों को विरोध का सामना करना पड़ा है. भीम आर्मी के लोग यहां यूपी गेट पर किसानों के बीच पहुंचे और धरना प्रदर्शन में शामिल होने लगे. लेकिन किसानों ने ही उन्हें वहां से भगा दिया.
किसानों ने आरोप लगाया कि भीम आर्मी के समर्थक आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद उनका विरोध किया. जिसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजते हुए भीम आर्मी के समर्थकों को भगा दिया.
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कृषि बिल के मसले पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात करेंगे. हरियाणा में किसान आंदोलन का व्यापक असर है और खट्टर सरकार पर खतरे के बादल भी मंडरा रहे हैं.
भारत बंद का असर देश के कई राज्यों में दिख रहा है. राजस्थान के जयपुर में इसी दौरान बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. जयपुर बीजेपी दफ्तर के बाहर बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में पत्थरबाजी हो गई. इस घटना के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने राजस्थान कांग्रेस पर निशाना साधा.
मुंबई के डब्बावालों ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है और केंद्र सरकार से नए कानूनों को वापस लेने की मांग की है.
दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर अब महिला किसानों ने मोर्चा संभाल लिया है.भारतीय किसान यूनियन की प्रदेश महिला विंग ने यहां प्रदर्शन किया और कहा कि सरकार को यह तीनों कानून वापस लेना पड़ेगा.
बिहार के अलग-अलग शहरों में किसानों के भारत बंद के समर्थन में राजद कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. मुजफ्फरपुर में प्रदर्शन के दौरान एक एम्बुलेंस फंस गई, जिसे बाद में राजद कार्यकर्ताओं ने आगे जाने दिया. एम्बुलेंस चालक ने कहा कि वो अस्पताल जा रहे थे, लेकिन प्रदर्शन के कारण बीच में ही फंस गए.
किसानों के भारत बंद का असर शुरू हो गया है. गाजीपुर बॉर्डर के पास चक्का जाम कर दिया गया है, तो वहीं बंगाल में कई ट्रेनों पर असर पड़ा है. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली का दीनदयाल उपाध्याय मार्ग ब्लॉक कर दिया है, यहां पुलिस तैनात की गई है. इसी रोड पर बीजेपी का नया दफ्तर है.
कृषि कानून के खिलाफ किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के बीच आम आदमी पार्टी ने बड़ा आरोप लगाया है. AAP का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घर में ही नजरबंद कर दिया गया है. बीते दिन जब से अरविंद केजरीवाल सिंधु बॉर्डर से वापस आए हैं, तभी से घर के बाहर नजरबंद के हालात बनाए हुए हैं.
आम आदमी पार्टी का कहना है कि घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अब बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है. इसकी वजह से दिल्ली सीएम की सभी बैठकें रद्द हो गई हैं.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस इस कानून के पक्ष में थी, भारत बंद कोई समाधान नहीं है और ना ही कोई इसका औचित्य है. शिवराज ने कहा कि शरद पवार ने बतौर मंत्री उन्हें APMC में बदलाव के लिए चिट्ठी लिखी थी, लेकिन अब विपक्ष अपना रुख बदल रहा है. सरकार किसानों से खुले मन से बात करना चाहती है.
भारत बंद का असर अलग-अलग राज्यों में दिख रहा है. बंगाल में ट्रेड यूनियन ने किसानों के समर्थन में मार्च निकाला, तो वहीं बिहार के दरभंगा में राजद कार्यकर्ताओं ने कानून के विरोध में टायर फूंक दिए.
कर्नाटक में कांग्रेस के नेताओं ने विधानसभा के बाहर किसानों के भारत बंद का समर्थन किया. कर्नाटक के ही कलबुर्गी में लेफ्ट समर्थकों ने बस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया.
भारत बंद को लेकर भिड़े ट्विटर यूजर्स, #आज_भारत_बंद_है Vs #BharatBandhNahiHoga
किसानों के भारत बंद को देखते हुए अलग-अलग राज्यों में सुरक्षा बढ़ाई गई है. बिहार में कड़ी सुरक्षा है और कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों पर एक्शन का निर्देश दिया गया है. दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर बंद को देखते हुए पुलिस तैनात है. साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक दल सड़कों पर उतरे हैं.
भारत बंद के मद्देनज़र बिहार सरकार ने सभी SP को आदेश दिया है कि अगर प्रदर्शनकारी कानून-व्यवस्था हाथ में लेने की कोशिश करें, तो उनपर सख्त एक्शन लें.
यूपी के प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन को रोका. भारत बंद के दौरान प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया और नारेबाजी की.
भारत बंद: अखिलेश यादव-अभिषेक सिंघवी ने शायराना अंदाज में सरकार को घेरा
किसानों के भारत बंद को देखते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है. लखनऊ शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पांच या इससे अधिक व्यक्तियों द्वारा जुलूस, धरना-प्रदर्शन, रैली और घेराव पर प्रतिबंध रहेगा.
1.कांग्रेस
2.माकपा
3.डीएमके
4.सीपीआई
5.राजद
6. एनसीपी
7.जेएमएम
8.सपा
9. शिवसेना
10.अकाली दल
11.भाकपा-माले
12. गुपकार गठबंधन
13.टीएमसी
14.टीआरएस
15.एआईएमआईएम
16. आम आदमी पार्टी
17. पीडब्ल्यूपी
18. बीवीए
19. आरएसपी
20. एफबी
21. एसयूसीआई (सी)
22. स्वराज इंडिया
23.जेडीएस
24. बसपा
किसानों के समर्थन में लखनऊ में प्रदर्शन में हिस्सा लेने के मामले में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर सोमवार को कार्रवाई की गई थी. यूपी पुलिस ने समाजवादी पार्टी के कुल 28 लोगों के खिलाफ कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में एक्शन लिया है. कोविड गाइडलाइन की अनदेखा पर कार्रवाई की गई है. अब अखिलेश का ये ट्वीट आया है.
पंजाब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष चरणजीत सिंह ने कहा कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में 8 दिसंबर को चक्का जाम करने का फैसला किया है. परिवहन संघ, ट्रक यूनियन, टेंपो यूनियन सभी ने बंद को सफल बनाने का निर्णय किया है. यह बंद पूरे भारत में होगा.
केरल सरकार केंद्र के कृषि कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है. केरल सरकार ने इस हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट में कृषि कानूनों को चुनौती देने का फैसला किया है. राज्य सरकार ने केंद्र के नए कृषि कानून को लागू न करने का निर्णय किया है. सरकार का कहना है कि कृषि केवल केंद्र के अधीन नहीं है, बल्कि राज्य को भी तय करना है. इस पर केंद्र एकतरफा फैसले नहीं ले सकती है.
1- किसानों के भारत बंद को विपक्षी दलों का समर्थन, जानें कौन-कौन कर रहा सपोर्ट
2- बीजेपी जिस रुख पर शरद पवार को घेर रही, उस पर NCP ने क्या कहा?
3- किसान बोले- आज 3 बजे तक करेंगे चक्का जाम, मंच पर किसी पार्टी के नेता को परमिशन नहीं
किसानों ने सिंधु बॉर्डर पर सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान किसान नेता निर्भय सिंह धुडिके ने कहा, 'हमारा विरोध केवल पंजाब तक सीमित नहीं है. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो जैसे दुनिया भर के नेता भी हमें समर्थन दे रहे हैं. हमारा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण है.' वहीं किसान नेता डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि मंगलवार को पूरे दिन बंद रहेगा. दोपहर 3 बजे तक चक्का जाम होगा. यह एक शांतिपूर्ण बंद होगा. हम अपने मंच पर किसी भी राजनीतिक नेता को अनुमति नहीं देंगे.
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के शिखर संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (ऐटवा) ने कहा कि वो 8 दिसंबर को हो रहे भारत बंद में शामिल नहीं हैं और दिल्ली सहित देशभर के बाजार पूरी तरह से खुले रहेंगे.
दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के बीच गौतमबुद्धनगर में धारा-144 लागू कर दी गई है. गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने कोरोना महामारी का हवाला देते हुए धारा-144 लागू की है, जो दो जनवरी 2021 तक लागू रहेगी. इस दौरान नोएडा में बिना इजाजत के जुलूस नहीं निकाला जा सकता है और न कोई चक्का जाम कर सकेगा.
एनडीए से बाहर हो चुके अकाली दल ने केंद्र से इन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की है. पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रहे और शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की. उन्होंने पीएम मोदी का पत्र लिखा. प्रकाश सिंह बादल ने कहा, 'उदारता दिखाएं और तीनों विवादास्पद कानूनों को रद्द करें ताकि देश के सामने खड़े संकट का हल किया जा सके.' किसानों के इतने बड़े आंदोलन पर बादल ने पीएम मोदी से कहा कि, 'पहले से ही लगे घावों को ठीक होने में लंबा समय लगेगा.'
किसानों और सरकार के बीच अभी तक 5 राउंड बातचीत हो चुकी है, लेकिन गतिरोध जारी है. अब सबकी निगाहें अब 9 दिसंबर को सरकार के साथ होने वाली किसानों पर बातचीत पर टिकी है. हालांकि किसान संगठनों ने सरकार से कहा है कि जब तक नए कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
एनडीए की सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल ने किसानों के 8 दिसंबर के बंद का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसानों के भारत बंद के आह्वान का समर्थन करती है. पीएम मोदी को कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए. हम इस बात पर फैसला लेंगे कि 8 दिसंबर के बाद आरएलपी एनडीए में रहेगी या नहीं.
1- बंद सुबह से पूरे दिन तक चलेगा. इस दौरान सभी बाजार, दुकान, सेवाएं और संस्थान बंद रहेंगे.
२. चक्का जाम दोपहर 3 बजे तक चलेगा.
3. इस दिन किसान दूध, सब्जी फल आदि कोई उत्पाद बाजार लेकर नहीं जाएंगे.
4. अस्पताल, एंबुलेंस और अन्य अनिवार्य सेवाओं को बंद से मुक्त रखा जाएगा. शादियों के सीजन को देखते हुए शादी से जुड़े सभी कामों को भी छूट दी जाएगी.
5. भारत बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा. इसमें किसी भी तरह की तोड़फोड़, हिंसा या जबरदस्ती का कोई स्थान नहीं है.
6. जो भी राजनीतिक दल भारत बंद का समर्थन करना चाहें, उन से निवेदन है कि वो अपना झंडा, बैनर छोड़कर किसानों का साथ दें.
किसानों के भारत बंद को 24 विपक्षी दलों और संगठनों ने समर्थन दिया है. इनमें कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों के अलावा अधिकतर क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं. वहीं बीजेपी शासित राज्यों ने कहा है कि उनके राज्य में भारत बंद नहीं होगा. जो लोग बंद कराने की कोशिश करेंगे उन पर एक्शन होगा.
ये दल समर्थन में...
1- कांग्रेस. 2- माकपा, 3-डीएमके, 4-सीपीआई, 5-राजद, 6-एनसीपी, 7-जेएमएम, 8-सपा, 9-शिवसेना, 10-अकाली दल, 11-भाकपा-माले, 12-गुपकार गठबंधन, 13-टीएमसी, 14-टीआरएस, 15-एआईएमआईएम, 16-आम आदमी पार्टी, 17-पीडब्ल्यूपी, 18-बीवीए, 19-आरएसपी, 20-एफबी, 21-एसयूसीआई (सी), 22. स्वराज इंडिया, 23-जेडीएस, 24-बसपा
भारत बंद से पहले हरियाणा के कुछ संगठनों ने सोमवार शाम केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की. इन किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का समर्थन किया. किसान संगठनों ने इस संबंध में कृषि मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें नए कानूनों को रद्द नहीं करने की मांग की गई. हरियाणा के प्रगतिशील किसान संगठन के प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किसानों के भारत बंद को देखते हुए राज्यों को एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी में गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्य सुनिश्चित करें कि भारत बंद शांति पूर्वक हो और किसी भी तरीके की अप्रिय घटना ना हो.
केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है. किसानों के समर्थन में कई राजनीतिक दल और ट्रेड यूनियन हैं. इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी की है. बता दें कि किसान नेताओं और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है. 9 दिसंबर को सरकार और किसानों के बीच फिर बातचीत होनी है.