तीन कृषि कानूनों के विरोध में बुलाया गया किसान संगठनों का 'भारत बंद' अब खत्म हो गया है. किसानों के प्रदर्शन देशभर में मिला जुला असर देखने को मिला. उत्तर भारत में कई ट्रेनें प्रभावित हुईं तो वहीं नागपुर में जबरन दुकानें बंद करवाई गईं. वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत ने दावा किया कि किसान संगठनों का भारत बंद सफल रहा और किसानों का पूरा समर्थन मिला. इस ब्लॉग में पढ़ें दिनभर क्या-क्या हुआ...
भोपाल के करोंद मंडी के गेट पर भारतीय किसान युनियन के प्रदर्शन में दिग्विजय सिंह भी पहुंचे. दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ता भी हाथों में झंडे लेकर पहुंचे इस दौरान सीपीआई, सीपीएम, एनसीपी और किसान मजदूर यूनियन के नेता भी इस आंदोलन में शामिल हुए. किसान आंदोलन के चलते भोपाल की करोंद कृषि मंडी के चारों तरफ भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. हालांकि भोपाल में भारत बंद बेअसर रहा और सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे. बाजारों में सभी दुकानें खुली थी और सड़कों पर भी यातायात सामान्य रहा. सभी बैंक और सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ निजी दफ्तर भी खुले रहे. स्कूल और कॉलेज भी समयानुसार खुले रहे.
(इनपुटः रवीश पाल सिंह)
किसान नेता राकेश टिकैत ने भारत बंद को सफल बताया. उन्होंने देशभर में भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसानों और मजदूरों का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, आज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद पूरी तरह से सफल रहा. देशभर में किसानों ने सड़कों पर आकर अपने गुस्से का इजहार किया. हजारों जगह से भी ज्यादा किसान सड़कों पर बैठे. बंद को किसानों के साथ-साथ मजदूर व्यापारियों, कर्मचारियों, ट्रेड यूनियन का भी सहयोग मिला. देश की राजनीतिक पार्टियों ने भी बंद का समर्थन किया.
उन्होंने कहा, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक किसानों के बंद का पूरा असर रहा. सुबह से लेकर शाम के 4 बजे तक कहीं भी कोई घटना या हिंसक झड़प नहीं हुई. इसके लिए देश के किसानों, मजदूरों और नागरिकों का भी आभार व्यक्त करते हैं.
टिकैत ने कहा, '3 राज्यों का आंदोलन बताने वाले लोग आंख खोल कर देख लें कि पूरा देश किसानों के साथ खड़ा है. सरकार को किसानों की समस्या का समाधान करना चाहिए. उत्तर प्रदेश में जो गन्ना मूल्य की घोषणा की गई है वो भी किसानों के साथ मजाक है. गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए भी जल्दी सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा. भारत बंद के कार्यक्रम से कुछ लोगों को स्वाभाविक रूप से परेशानी हुई होगी लेकिन एक दिन किसानों के नाम सोच कर भूल जाएं.'
उन्होंने कहा, 'किसान 10 महीने से घर छोड़कर सड़कों पर है. लेकिन अंधी और बहरी सरकार को न तो कुछ दिखाई देता है और न ही सुनाई देता है. लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है. सरकार इस भुलावे में ना रहे किसान खाली हाथ घर लौट जाएंगे. किसान आज भी बिल वापसी तो घर वापसी की मांग पर पूरी तरह से अडिग है. हमारी सरकार से अपील है कि जल्द से जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए.'
(इनपुटः अशोक सिंघल)
तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने किसानों के भारत बंद का समर्थन तो किया था, लेकिन वो ग्राउंड पर नहीं दिखाई दिए. हालांकि, 4 बजे के बाद उन्होंने ट्वीट कर सरकार पर निशाना जरूर साधा.
किसान नेता राकेश टिकैत ने भारत बंद के सफल रहने का दावा किया. उन्होंने कहा, 'हमारा भारत बंद सफल रहा. हमें किसानों का पूरा समर्थन मिला. हम सबकुछ सील नहीं कर सकते, क्योंकि हमें लोगों की आवाजाही भी बनाए रखनी है. हम सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन कोई बातचीत नहीं हो रही है.'
किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के कारण उत्तर भारत की करीब 25 ट्रेनों पर असर हुआ है. दिल्ली, अमृतसर, मोगा, कटरा जाने वाले कई ट्रेनें सोमवार को प्रभावित रहीं. पंजाब के कई इलाकों में किसानों द्वारा रेलवे ट्रैक पर ही प्रदर्शन किया गया है.
किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का असर महाराष्ट्र में भी दिखा. यहां नागपुर में प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्ती लोगों की दुकानें बंद करवाईं. संयुक्त किसान मोर्चा के तले यहां लोगों ने प्रदर्शन किया और लोगों की दुकानें बंद करवाईं.
गाजीपुर बॉर्डर पर जारी किसानों के प्रदर्शन का समर्थन करने सोमवार को दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी भी पहुंचे. लेकिन वहां मौजूद किसानों ने उन्हें वहां से वापस जाने को कहा. किसानों ने दो टूक कहा कि ये राजनीतिक प्रदर्शन नहीं है.
झारखंड के देवघर में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रोड जाम की. इस दौरान लेफ्ट, कांग्रेस और जेएमएम के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. अलग-अलग राजनीतिक दलों ने कहा है कि कानून वापसी ना होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा.
हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर एक किसान की मौत हुई है. पुलिस का कहना है कि किसान की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है, हालांकि बाकी जानकारी पोस्टमॉर्टम के बाद ही दी जाएगी.
किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के दौरान चेन्नई में बवाल हुआ है. यहां प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़े गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.
हरियाणा के बहादुरगढ़ में किसानों का प्रदर्शन जारी है. किसान यहां बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंच गए हैं और रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे हैं. बहादुरगढ़ में वकीलों ने भी अपना काम बंद किया है और भारत बंद का समर्थन किया है.
किसानों ने भारत बंद के दौरान दिल्ली, यूपी और हरियाणा में मुख्य तौर पर अपना प्रदर्शन तेज़ किया है. दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर, शंभू बॉर्डर को किसानों ने जाम कर दिया है. जबकि दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-अंबाला समेत अन्य कई रास्तों पर भी किसानों ने जाम लगाया है.
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुलाए गए इस भारत बंद को कोई राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है. इनमें कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, टीडीपी, बसपा, लेफ्ट पार्टियां, स्वराज इंडिया, राजद जैसे राजनीतिक दल शामिल हैं. टीएमसी ने किसानों की मांग का समर्थन किया है, लेकिन भारत बंद का नहीं किया है.
किसान संगठनों द्वारा बुलाया भारत बंद शुरू हो गया है. गाजीपुर बॉर्डर पर NH-9, NH-24 को किसानों ने जाम कर दिया है. किसान संगठन से जुड़े नेता यहां पर जम गए हैं. गाजीपुर बॉर्डर के अलावा किसानों ने शंभू बॉर्डर भी जाम कर दिया है.