
तेलंगाना के दलित उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क (Bhatti Vikramarka) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह जमीन पर बैठे हैं जबकि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और अन्य मंत्री कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में सीएम रेवंत के साथ अन्य मंत्री उत्तम कुमार, कुमाररेड्डी, वेकंट रेड्डी आदि कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं जबकि डिप्टी सीएम भट्टी विक्रमार्क जमीन पर बैठे हैं.
यह घटना उस समय घटी, जब तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी अपने मंत्रियों के साथ नालगोंडा के मंदिर में पूजा के लिए गए थे.
भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और अन्य मंत्रियों ने यदाद्री मंदिर के दर्शन के दौरान उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क का अपमान किया है. विक्रमार्क जमीन पर बैठे हैं जबकि रेवंत और अन्य मंत्रियों ने ऊपर कुर्सी पर बैठकर उनका अपमान किया है.
कौन हैं विक्रमार्क
कांग्रेस विधायक मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने पिछले साल तेलंगाना के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली थी. मधिरा निर्वाचन क्षेत्र के चार बार के विधायक मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने अपने कार्यों की बदौलत एक अलग छाप छोड़ी है. उनका नाम पिछले साल सीएम की रेस में भी शामिल था क्योंकि केसीआर को हटाने के कांग्रेस अभियान में उनकी भूमिका अहम रही थी.
खुद को सीएम पद का दावेदार मानने वाले भट्टी ने बताया था कि उन्होंने राज्य में कांग्रेस सरकार बनाने के लिए उन्होंने 1365 किलोमीटर लंबी पदयात्रा करते हुए पीपुल्स मार्च निकाला था. यह उसी तरह की पदयात्रा थी, जैसी 2003 में आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी की सरकार हटाने कि लिए कांग्रेस नेता वाईएस राजशेखर रेड्डी ने की थी. रेड्डी ने तब 1500 किलोमीटर की पदयात्रा की थी. वह पार्टी का सबसे प्रमुख दलित चेहरा रहे हैं जिन्होंने पिछले साल चुनाव में कांग्रेस का जोरदार समर्थन किया था.
कांग्रेस को मिला था स्पष्ट बहुमत
तेलंगाना में कांग्रेस विधानसभा चुनाव के दौरान 119 में 64 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े को पार किया था और सत्तारूढ़ के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति सरकार को करारी शिकस्त दी थी. बीआरएस ने 39 सीटें जीती थीं.