
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में रविवार सुबह फिर पुलिस की छापेमारी में भारी विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी पहले से ही बीरभूम में भारी विस्फोटक खेप के मामले की जांच कर रही है. दरअसल, पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने बीरभूम के मोहम्मद बाजार से एक कार से ले जाते समय 81,000 हजार जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर बरामद किए थे. बाद में यह मामला एनआईए को सौंप दिया गया था.
केंद्रीय एजेंसी की जांच के बीच अब एक बार फिर पश्चिम बंगाल पुलिस ने 12,000 जिलेटिन की छड़ें बरामद की हैं. गुप्त एवं विश्वसनीय स्रोत से मिली जानकारी के बाद रामपुरहाट थाने की एक टीम ने रविवार की सुबह एक गांव में विशेष छापेमारी की.
एक पुलिस सूत्र ने बताया कि गुप्त सूत्र से सूचना मिलने पर रामपुरहाट थाने की पुलिस ने रदीपुर गांव से सटे एक घर से 60 बक्सों में लगभग 12000 जिलेटिन की छड़ें बरामद कीं. पुलिस सूत्र का दावा है कि बरामदगी का स्थान फिलहाल पुलिस की जांच के दायरे में है. कई वर्षों से यह घर पूरी तरह से वीरान पड़ा है. अभी तक घर के मालिक की पहचान नहीं हो सकी है.
जांच अधिकारी द्वारा रामपुरहाट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उक्त विस्फोटकों को किसने और किस कारण से वीरान घर में रखा था. पुलिस वीरान पड़े घर के असली मालिक का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है.
बता दें कि एनआई ने विस्फोटक सामग्री खेप मामले में कथित संलिप्तता के लिए पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. एनआईए द्वारा कोलकाता की विशेष अदालत के समक्ष एक आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र भी दायर किया गया था. बंगाल में पंचायत चुनाव के बाद, टीएमसी के एक विजयी उम्मीदवार मनोज कुमार घोष को एनआईए ने अपने गोदाम के अंदर भारी विस्फोटक सामग्री और आग्नेयास्त्र रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार टीएमसी नेता मनोज घोष से पूछताछ के बाद पिछले शुक्रवार को एनआईए ने एक अन्य टीएमसी कार्यकर्ता इस्लाम चौधरी को गिरफ्तार किया था.