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'हमें तो हनुमानजी ने बचा लिया...': रांची हिंसा में बाल-बाल बचे बिहार के मंत्री का बयान

नितिन नवीन उस मंजर को याद कर अपने डरावने अनुभव से दूर होने की कोशिश में लगे हुए हैं. उनकी कार के शीशे टूट गए हैं. उन्होंने इस बवाल में किसी तरह अपने आपको बचाया और सुरक्षित रहे. उनके ड्राइवर ने पेशेंस का परिचय दिया और सबकी जान बचा ली.

रांची में बवालियों ने मंत्री की प्राइवेट कार पर हमला बोल दिया और तोड़फोड़ की. रांची में बवालियों ने मंत्री की प्राइवेट कार पर हमला बोल दिया और तोड़फोड़ की.
सुजीत झा
  • पटना,
  • 11 जून 2022,
  • अपडेटेड 9:13 PM IST
  • मंत्री की गाड़ी को हजारों की भीड़ ने घेर लिया था
  • गाड़ी पर ईंट-पत्थर फेंके गए, कार के शीशे टूट गए

झारखंड के रांची में शुक्रवार को भीड़ के हमले से बाल-बाल बचे बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन का बयान सामने आया है. नितिन नवीन ने कहा कि अगर भीड़ को पता चल जाता कि वो बीजेपी के मंत्री हैं तो बचना मुश्किल होता. उन्होंने झारखंड के हेमंत सरकार पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि इतनी उग्र भीड़ होने के बावजूद पुलिस व्यवस्था ना काफी थी. उनका कहना था कि उन्हें हनुमान जी ने बचा लिया, वरना क्या होता भगवान जाने. 

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नितिन नवीन बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री हैं और बीजेपी के युवा नेता हैं. शुक्रवार को रांची के मेन रोड पर भीड़ नितिन नवीन को उग्र भीड़ ने घेर लिया था. वे एक ऐसे हादसे से होकर गुजरे हैं. जिसे यादकर उनकी रूह कांप जा रही है. उनकी गाड़ी पर हजारों की भीड़ ने हमला किया. पत्थर फेंके. ईश्वर की कृपा रही कि वे बच गए. 

शादी में शामिल होने रांची गए थे मंत्री

नितिन नवीन उस मंजर को याद कर अपने डरावने अनुभव से दूर होने की कोशिश में लगे हुए हैं. उनकी कार के शीशे टूट गए हैं. उन्होंने इस बवाल में किसी तरह अपने आपको बचाया और सुरक्षित रहे. बवाल के दौरान उनके ड्राइवर ने पेशेंस का परिचय दिया और सबकी जान बचा ली. नितिन नवीन अपने एक करीबी की शादी में शामिल होने रांची गए थे. इस दौरान हुई हिंसा में बुरी तरह फंस गए. उनकी गाड़ी को स्कॉट कर रही पुलिस की गाड़ी उन्हें छोड़कर चली गई. 

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माहौल शांत होने पर आगे जा रहे थे

उस दहशत के पल को यादकर नितिन नवीन कांप जा रहे हैं. उनका कहना है कि उन्हें हनुमान जी ने बचा लिया, वरना क्या होता भगवान जाने. उन्होंने बताया कि हम एक पारिवारिक कार्यक्रम अटेंड करने के लिए रांची आए थे. यहां के मेन रोड स्थित होटल कैपिटॉल हिल में रुके हुए थे. प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त होने के बाद जब स्थिति सामान्य हो गई, तब मैं अपने दो पारिवारिक मित्र के साथ कार्यक्रम स्थल मोरहाबादी के लिए निकला. 

ईंट-पत्थर और रॉड से किया गया हमला

उन्होंने आगे बताया कि मुझे प्रशासन की तरफ से एक गाड़ी स्कॉट दिया गया था. निकलने के दौरान मैंने स्कॉट को बोला कि इस रास्ते में हंगामा हो रहा है. इसके अलावा किसी दूसरे रास्ते से चलते हैं, लेकिन स्कॉट ने कहा कि इधर रास्ता पूरी तरह साफ है. मामला अब शांत हो गया है. लगभग 100 मीटर आगे बढ़ते ही कश्मीर वस्त्रालय के पास मेरी गाड़ी को चारों तरफ से उपद्रवियों की भीड़ ने घेर लिया. ड्राइवर फिर भी गाड़ी आगे बढ़ाते रहा. महावीर मंदिर तक आते-आते उपद्रवियों ने पूरी तरह हमला कर दिया. ईंट, पत्थर और रॉड से हमला होने लगा.

स्कॉर्ट की गाड़ी मंत्री को छोड़कर चली गई

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नितिन नवीन ने कहा कि स्कॉर्ट की गाड़ी हमें छोड़कर आगे बढ़ गई. मैं भगवान को याद कर रहा था. उन्होंने कहा कि स्कॉट की गाड़ी मुझे छोड़ कर दूसरी दिशा में निकल गई थी. हम बस भगवान को याद करने लगे थे. उपद्रवियों ने मुझे स्कॉट कर रही गाड़ी को देखा था. ड्राइवर की सूझबूझ और होशियारी से जान बची. ड्राइवर ने तत्काल निर्णय लिया और अलग-अलग रास्ते से निकलते हुए भीड़ से गाड़ी को बाहर निकाला. गाड़ी निजी थी और उस पर किसी प्रकार का झंडा नहीं था.

बेखौफ थे हमलावर, प्रशासन पूरी तरह फेल था

बवालियों के चंगुल से किसी तरह निकलकर घर पहुंचे नितिन नवीन का भयावह अनुभव काफी डराने वाला है. उन्होंने कहा कि सभी उपद्रवी पूरी तरह प्रशासन से बिना डरे हुए हाथों में बांस, बल्ला और पत्थर लेकर हमलावर थे. उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से फैल था.
 

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