
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अल्पसंख्यकों को साधने के लिए नया दांव खेल दिया है. बीजेपी ने सौगात-ए-मोदी अभियान चलाने का ऐलान किया है, जिसके तहत पार्टी के कार्यकर्ता पूरे देश में मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों के बीच जाएंगे और उन्हें सौगात-ए-मोदी की किट देंगे. ईद, बैसाखी और गुड फ्राइडे के दौरान किट बांटी जाएगी. सौगात-ए-मोदी का सबसे बड़ा फोकस बिहार विधानसभा चुनाव है. बिहार में बीजेपी का मुस्लिम वोटर्स के बीच जाकर सौगात देने की योजना है.
वहीं, विपक्ष ने भारतीय जनता पार्टी के इस कैंपेन पर तंज कसा है और इसे राजतंत्र का पर्याय बताया है.
क्या है सौगात-ए-मोदी?
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेशनल प्रेसिडेंट जमाल सिद्दीकी ने बताया, "प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी 140 करोड़ भारतीयों के पीएम हैं, त्यौहार का समय है, ईद आने वाली है, रमजान चल रहा है. हमारे कार्यकर्ता जाएंगे और किट देंगे. किट में खाने-पीने का सामान होगा, घर की महिला प्रमुख के लिए सूट का कपड़ा होगा. किट में त्यौहार, सेवइयां , बेसन, ड्राई फ्रूट, दूध, चीनी सब होगा."
उन्होंने आगे कहा कि हम माइनॉरिटी समाज के लोगों तक पहुंचेंगे और मोदी किट बांटी जाएगी. ये किट पूरे देश में बांटे जाएंगे. यह किट 32 हजार पदाधिकारी बांटेंगे, 1 पदाधिकारी 100 परिवारों में किट बांटेंगे.
जमाल सिद्दीक़ी ने बताया कि रमज़ान के पवित्र महीने एवं आगामी त्यौहार ईद, गुड फ्राइडे, ईस्टर नवरोज़ एवं भारतीय संवत नववर्ष के उपलक्ष्य में अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा अभियान के जरिे ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचने का काम किया जाएगा. इसके साथ ही ज़िला स्तर पर ईद मिलन समारोह के भी आयोजन किए जाएंगे.
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अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा "हमें रमज़ान के महीने में मिस्कीन, कमजोर पड़ोसी और गरीब रिश्तेदारों की दिल खोलकर मदद करनी चाहिए। साथ ही मोर्चा गुड फ्राइडे, ईस्टर, नवरोज़ एवं भारतीय नववर्ष के आयोजनों में शामिल होकर जरूरतमंदों को "सौग़ात - ए - मोदी " किट वितरीत कर गंगाजमनी तहज़ीब की मिसाल पेश करेगा"
जमाल सिद्दीक़ी द्वारा कार्यकर्ताओं को इन त्योहारों के माध्यम से सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने का निर्देश भी दिया गया।
जमाल सिद्दीक़ी ने ये पैग़ाम मोर्चा के पदाधिकारियों को वर्चुअल बैठक के जरिए से दिया. उन्होंने बताया कि सौगात-ए-मोदी किट में महिलाओं के लिए सूट का कपड़ा होगा और पुरुषों के लिए कुर्ता पजामा होगा. इस किट की कीमत 500 से 600 रूपये के आस-पास है, जिसका खर्च अल्पसंख्यक मोर्चा उठा रहा है.
'सौगात-ए-मोदी' में अहंकार की बू...'
टीएमसी सांसद सत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "मोदी इतने अमीर नहीं है कि लोगों को सौगात दे सकें. सौगात प्रधानमंत्री नहीं देते हैं, वो तो जनता और देश का पैसा है. पीएम सिर्फ उन पैसों के रखवाले हैं, सौगात-ए-मोदी में अहंकार की बू आती है."
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "हमने पहले भी देखा है कि बीजेपी के लोग सम्मान के साथ त्यौहार मनाना चाहते है तो सभी त्यौहार मनाएं, सारे धर्म के त्यौहार मनाने चाहिए, अच्छी बात है कि वो अब त्यौहार मनाने लगे हैं. बीजेपी वोट के लिए कुछ भी कर सकती है. बीजेपी वाले अब सूफी गाने भी एन्जॉय करते हैं."
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'सरकार नहीं सल्तनत चला रहे...'
आरजेपी सांसद मनोज झा ने कहा, "प्रधानमंत्री जी को हर जगह अपनी तस्वीर छपवाने की एक आदत है. डेथ सर्टिफिकेट को छोड़कर हर जगह तस्वीर छपवा चुके हैं. सौगात बोलने से पहले आपको भी दुख होना चाहिए. यह राजतंत्र नहीं है, लोकतंत्र है. अगर अपने आप को बादशाह समझने लग गए हैं तो मैं क्या ही कहूं? ऐसा लग रहा है कि दिल्ली में सरकार नहीं, सल्तनत चला रहे हैं.
समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा, "बिहार में चुनाव है इसलिए सब कुछ हो रहा है. मुसलमान के लिए अगर बीजेपी कुछ कर सकती है तो उनके लिए इंसाफ करे, उनका उन्हें हक दिलाए, यही सबसे बड़ी सौगात होगी."
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "मगरमच्छ का मुंह देखा है कभी? मगरमच्छ का मुंह देखो तो लगता है कि हंस रहा है लेकिन पास जाओ तो काट लेता है. इनके पास कुछ नहीं है दिखाने के लिए, इसलिए अब ये सौगात ए मोदी लाए है. ये तो मजाक है.