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कर्नाटक में BJP कार्यकर्ता ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में कांग्रेस नेताओं को ठहराया जिम्मेदार

कर्नाटक में 35 वर्षीय बीजेपी कार्यकर्ता ने गुरुवार देर रात बेंगलुरु में कथित तौर पर अपने ऑफिस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बीजेपी कार्यकर्ता ने सुसाइड नोट में कांग्रेस नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जिम्मेदार ठहराया है. बीजेपी नेता ने अपने सुसाइड नोट में दावा किया कि उन पर राजनीति से प्रेरित होकर FIR की गई है, जिससे वह लोगों की नजर में अपराधी बन गया है. इसके कारण उनके परिवार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी.

बीजेपी कार्यकर्ता. (फाइल फोटो) बीजेपी कार्यकर्ता. (फाइल फोटो)
सगाय राज
  • बेंगलुरु,
  • 05 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 1:06 AM IST

कर्नाटक के मदिकेरी में 35 वर्षीय बीजेपी कार्यकर्ता ने गुरुवार देर रात बेंगलुरु में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. उन्होंने अपने सुसाइड नोट में कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं.
   
पुलिस के अनुसार, विनय सोमैया को नागवारा स्थित उनके ऑफिस में फांसी पर लटका हुआ पाया गया, खुदकुशी से पहले उन्होंने व्हाट्सएप और फेसबुक पर एक लंबा सुसाइड नोट पोस्ट किया. एक हजार से अधिक शब्दों वाले इस नोट में राजनीतिक घटनाक्रमों को दोषी ठहराया गया है और कई कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हुए उन पर उत्पीड़न और उन्हें किनारे पर धकेलने का आरोप लगाया गया है.

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'राजनीति से प्रेरित होकर दर्ज की गई FIR'

बीजेपी नेता ने अपने सुसाइड नोट में दावा किया कि उन पर राजनीति से प्रेरित होकर FIR की गई है, जिससे वह लोगों की नजर में अपराधी बन गया है. उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें 'कोडागु समस्याएं और सुझाव' नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन बनाया गया था, जहां एक विवादास्पद संदेश पोस्ट की गई थी. इस पोस्ट के किए जाने से पांच दिन पहले ही उन्हें इस ग्रुप का एडमिन बनाया गया था. हालांकि, उन्होंने इस पोस्ट का खुद के साथ किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें इस पोस्ट के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है और FIR दर्ज की गई है.

कांग्रेस नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि FIR राजनीति से प्रेरित है और कांग्रेस नेता तेनीरा महेना ने जानबूझकर कोडागु में उन्हें बदनाम करने के लिए उनकी तस्वीर समेत मामले का तूल दिया. विनय को हाल ही में मदिकेरी टाउन पुलिस ने महेना द्वारा उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार किया था. 

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विनय ने कांग्रेस विधायक एएस पोन्नन्ना पर ये भी आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह जमानत मिलने के बाद भी उसे और उसके परिवार को परेशान करना जारी रखे. 

उन्होंने दावा किया कि पुलिस उसके रिहा होने के अगले दिन ही उसके चचेरे भाई और दोस्तों के घर उसकी तलाश में गई थी और कहा कि उसे फोन कॉल के जरिए कोडवा-गौड़ा तनाव भड़काने के लिए झूठा फंसाया गया था, जिसे उसने करने से इनकार कर दिया.

उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने केवल एक वॉयस मैसेज और उसका स्क्रीनशॉट फॉरवर्ड किया था, फिर भी उन्हें पुलिस केस का निशाना बनाया गया.

उन्होंने पूछा, 'हां, मैंने संदेश भेजे थे, लेकिन केवल एक वॉयस मैसेज को फॉरवर्ड करने के लिए जो मुझे मिला था, उसके साथ उसका स्क्रीनशॉट भी. एक रैंडम फोटो के आधार पर मेरे खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज की गई, लेकिन उस वॉयस मैसेज के लिए नहीं? यह कहां का न्याय है?'

उन्होंने आरोप लगाया कि मडिकेरी के विधायक मंतर गौड़ा ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें फोन किया और व्हाट्सएप ग्रुप में कुशालनगर सरकारी अस्पताल की स्थिति के बारे में सवाल उठाने के लिए डांटा था. विनय ने कहा कि उनके पास सबूत है कि यह गौड़ा ही थे जिन्होंने पहले फोन किया था, न कि दूसरे ने.

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भावनात्मक नोट में विनय ने दावा किया कि राजनीति से प्रेरित व्यक्तियों ने न केवल उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया था, बल्कि उन्हें बार-बार अपराधी साबित करने के लिए उनके खिलाफ फर्जी मामले दर्ज करने की भी योजना बनाई थी. उन्होंने हरीश पूवैया नाम के एक व्यक्ति का जिक्र किया, जिसने बार-बार दूसरे व्हाट्सएप ग्रुप में अपमानजनक संदेश और उनकी तस्वीर पोस्ट की थी.

उन्होंने लिखा, 'मुझे ये भी पता चला है कि मुझे उपद्रवी करार देने और मेरे खिलाफ एक उपद्रवी पत्र खोलने की कोशिश की गई थी. इन सभी लोगों को सजा मिलनी चाहिए ताकि मेरी मौत को न्याय मिल सके.'

विनय ने कहा कि हाईकोर्ट ने पहले ही FIR पर रोक लगा दी है, फिर भी उनके चरित्र पर हमले जारी हैं. उन्होंने एक और आत्महत्या का भी जिक्र किया जो कथित तौर पर उसी दिन हुई थी, जिस दिन महिना की पत्नी अस्पताल में भर्ती थीं, उन्होंने मांग की कि अधिकारी उस मामले से महिना के संबंध की जांच करें.

उन्होंने लिखा, 'कृपया मेरे परिवार को हर संभव तरीके से, सामाजिक और आर्थिक रूप से सहयोग करें. अगर हर सदस्य सिर्फ़ एक रुपया भी दान करे तो इससे मेरी पत्नी और बेटी का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा. कृपया सुनिश्चित करें कि मेरी मृत्यु के बाद मेरी मां, पत्नी, बेटी और परिवार को परेशान न किया जाए और सभी रस्में सुचारू रूप से संपन्न हों.'

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'कई बीजेपी नेताओं का किया धन्यवाद' 

उन्होंने प्रताप सिम्हा, केजी बोपैया, अप्पाचू रंजन और अन्य भाजपा नेताओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने कहा कि जब पहली बार FIR दर्ज की गई थी, तब उन्होंने उनका समर्थन किया था.

वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और शुरुआती जांच शुरू कर दी है. हालांकि, उन्होंने माना कि आत्महत्या की वजह गिरफ्तारी और FIR हो सकती है, लेकिन उन्होंने नोट में लगाए गए गंभीर आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की.

बीजेपी ने किया हमला

भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस घटना को राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा बताया है. विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने इसे “100 प्रतिशत राजनीतिक बदला” बताया और आरोप लगाया कि कोडागु में प्रशासन “कांग्रेस कार्यालय” में बदल गया है.

उन्होंने कोडागु एसपी को तत्काल निलंबित करने की मांग की और कहा, “इसके बाद ही जांच आगे बढ़नी चाहिए.” उन्होंने पिछली घटनाओं का भी जिक्र किया जहां कोई कार्रवाई नहीं की गई और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होने का दावा किया.

विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालावाडी नारायण स्वामी ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा आत्महत्या करने की लगातार घटनाओं के लिए कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया.

उन्होंने कहा, "यह कोई अकेला मामला नहीं है," उन्होंने मांग की कि मामले को सीबीआई को सौंप दिया जाए और विधायक पोन्नन्ना और उनके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए. उन्होंने कहा, "हम पुलिस या सीआईडी जांच नहीं चाहते हैं."

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने विनय की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की.

उन्होंने एक बयान में कहा, "जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, भाजपा कार्यकर्ताओं को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है." उन्होंने विनय की मानसिक परेशानी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की.

'हम इसकी पुष्टि करेंगे'

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने कहा कि संबंधित डीसीपी द्वारा जांच की जाएगी. उन्होंने कहा, "व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर जो कुछ भी प्रसारित किया गया है. वह सच नहीं हो सकता है, हम इसकी पुष्टि करेंगे. अगर यह सच पाया जाता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी." 

उन्होंने कहा कि घटना की समीक्षा की जाएगी, चाहे इसका मकसद कुछ भी हो और आश्वासन दिया कि निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

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