Advertisement

'यह भारत के लोकतंत्र में हस्तक्षेप तो नहीं?', वोटर टर्नआउट बढ़ाने वाले अमेरिकी निवेश पर बोलीं मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने अमेरिकी एजेंसी द्वारा भारतीय चुनावों में कथित विदेशी हस्तक्षेप और 21 मिलियन डालर की फंडिंग पर चिंता जताई है. उन्होंने बीजेपी और आप के राजनीतिक प्रभुत्व के चलते दिल्ली चुनावों में बीएसपी के कमजोर प्रदर्शन पर चिंता जाहिर की और पार्टी के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने की बात कही.

मायावती मायावती
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 8:36 PM IST

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सोमवार को अमेरिकी एजेंसी द्वारा भारतीय चुनावों में हस्तक्षेप की कथित कोशिश पर चिंता जताई. उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा एक एजेंसी के माध्यम से 21 मिलियन अमेरिकी डालर भारत में मतदाता भागीदारी बढ़ाने के नाम पर भेजी गई है.

अपने प्रेस नोट में मायावती ने कहा कि भारत की जनता को सतर्क रहना चाहिए और विचार करना चाहिए कि कहीं यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों में हस्तक्षेप तो नहीं है, और अगर ऐसा है तो इससे किसे लाभ हो रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'नाकामी, लापरवाही, असंवेदनशीलता', भगदड़ से 18 मौतों पर राहुल, लालू, अखिलेश, मायावती का सरकार पर वार

DOGE ने खर्च में कटौती का किया था ऐलान

मायावती की तरफ से यह प्रतिक्रिया तब आई जब अमेरिकी विभाग ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) ने खर्चों में कटौती की घोषणा की, जिसमें "भारत में मतदाता भागीदारी" के लिए आवंटित 21 मिलियन मिलियन डालर की राशी भी शामिल थी. DOGE ने शनिवार को X पर एक पोस्ट में घोषणा की कि उसने सैकड़ों मिलियन अमेरिकी करदाताओं की डॉलर खर्च करने वाले कई कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है.

प्रेस नोट में मायावती ने दिल्ली चुनावों में बीजेपी और आप के राजनीतिक प्रभुत्व पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, "बीएसपी सदस्यों ने हरियाणा की तरह दिल्ली चुनावों में भी पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी. हालांकि, भाजपा और आप के मजबूत राजनीतिक प्रबंधन और छल वाले वादों के चलते परिस्थितियां बीएसपी के लिए अनुकूल नहीं रहीं."

Advertisement

दिल्ली चुनाव के नतीजे पर भी बोलीं मायावती

दिल्ली चुनावों में निराश करने वाले परिणामों के बावजूद, जहां पार्टी ने एक भी सीट नहीं हासिल की, मायावती ने बीएसपी कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित न होने की और संघर्ष के प्रति समर्पित बने रहने की अपील की. उन्होंने पार्टी की अद्वितीय विचारधारा और ऐतिहासिक सफलताओं पर जोर दिया.

यह भी पढ़ें: मायावती ने अशोक सिद्धार्थ समेत इन नेताओं को पार्टी से निकाला, इस वजह से लिया सख्त एक्शन

मायावती ने आगे कहा, "बीएसपी हमेशा से ही संघर्ष की पार्टी रही है और उसने डॉक्टर बीआर अंबेडकर के सिद्धांतों के प्रति अपनी निष्ठा के माध्यम से महत्वपूर्ण राजनीतिक मील के पत्थर हासिल किए हैं. उत्तर प्रदेश में अपने चार कार्यकालों में, बीएसपी ने बहुजन समाज की गरिमा, आत्म-सम्मान, और आर्थिक मुक्ति के लिए बड़े काम किए हैं."

इन कोशिशों के लिए, जाति-आधारित, पूंजीवादी, और सांप्रदायिक ताकतें लगातार बीएसपी और उसके नेतृत्व के खिलाफ साजिश रचती रही हैं, लेकिन हमें हतोत्साहित नहीं होना चाहिए, बल्कि डॉक्टर बीआर अंबेडकर द्वारा निर्धारित मत देने के अधिकार के माध्यम से सत्ता हासिल करने के अपने लक्ष्य की दिशा में बिना रुके मेहनत करनी चाहिए.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement