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Budget 2024-25: मोदी सरकार में स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च कितना बढ़ा? ये रहे आंकड़े

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को देश का अंतरिम बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने देश में अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेजों के गठन और मौजूदा अस्पतालों के इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रखा. इन पर नजर रखने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा.

निर्मला सीतारमण निर्मला सीतारमण
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:24 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को अंतरिम बजट 2024 पेश किया. उन्होंने इस बजट में देश के हेल्थकेयर सिस्टम को और मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. 

सीतारमण ने देश में अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेजों के गठन और मौजूदा अस्पतालों के इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रखा. इन पर नजर रखने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा.

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बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण शुरू करना है. बजट में कई मातृ और चाइल्ड केयर योजनाएं भी शुरू की गई हैं, जिसका फोकस सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 में तेजी लाना है.

इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी अब आयुष्मान भारत के तहत हेल्थ कवरेज दी जाएगी. सीतारमण ने कहा कि डिजिटल इंडिया पहल को आगे बढ़ाया जाएगा, जिसके तहत एक नए यून-विन प्लेटफॉर्म को देशभर में शुरू किया जाएगा. इस प्लेटफॉर्म का उपयोग टीकाकरण के प्रबंधन और मिशन इंद्रधनुष के प्रबंधन के प्रयासों को आगे बढ़ाने में किया जाएगा.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2014 में जीडीपी का 0.26 फीसदी ही हेल्थकेयर पर खर्च किया गया. अगले तीन साल तक ये खर्च लगभग स्थिर (0.25 फीसदी) रहा. हालांकि, वित्त वर्ष 2018 में ये खर्च बढ़कर 0.31 फीसदी हो गया. ठीक इसी तरह वित्त वर्ष 2019 और 2020 में ये खर्च 0.29 फीसदी और 0.32 फीसदी रहा.

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बीते सालों में शिक्षा सेक्टर में खर्च का लेखा-जोखा

सीतारमण ने बजट 2024-2025 में शिक्षा सेक्टर का भी लेखा-जोखा पेश किया. उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया मिशन सफल रहा. इसके तहत 1.4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया गया, 54 लाख लोगों को रिस्किल किया गया और 3000 नए औद्योगिक फ्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की गई. 

उन्होंने बताया कि बीते सालों में देश में सात आईआईटी, 16 आईआईआईटी, सात आईआईएम, 15 एम्स और 390 यूनिवर्सिटियों का गठन किया गया है.

बीते दशक में उच्च शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं का दाखिला 28 फीसदी बढ़ा है. इससे शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं पर फोकस के सरकार के उद्देश्य का पता चलता है.

रिपोर्ट: अंकिता तिवारी

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