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ललित मोदी और उनकी मां के बीच जारी संपत्ति विवाद में SC के जस्टिस कराएंगे सुलह

इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी और उनकी मां के बीच जारी संपत्ति विवाद पर एक बार फिर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई. संपत्ति विवाद से जुड़े इस मामले में ललित मोदी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे कोर्ट में मौजूद हुए तो वहीं उनकी मां और बहन की तरफ से कपिल सिब्बल दलील दे रहे थे.

ललित मोदी (File Photo) ललित मोदी (File Photo)
सृष्टि ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST

इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी और उनकी मां के बीच जारी संपत्ति विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को एक बार फिर इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई. संपत्ति विवाद से जुड़े इस मामले में ललित मोदी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे कोर्ट में मौजूद हुए तो वहीं उनकी मां और बहन की तरफ से कपिल सिब्बल दलील दे रहे थे. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए जस्टिस आरवी रवींद्र को नियुक्त किया है.

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सुनवाई के दौरान हरीश साल्वे ने कहा कि उन्होंने एक आवेदन दिया है. साल्वे ने आगे कहा कि इस मामले में दो साल में कोई बैठक नहीं हुई है. आज बदले हुए हालात में ललित मोदी और समीर मोदी (भाई) एक तरफ हैं तो दूसरी तरफ उनकी मां और बहन हैं. केस को 3 अगस्त के लिए लिस्ट कर दिया गया है. 

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने पूछा कि क्या सभी इस केस में सुलह के लिए तैयार हैं. इस पर सिंघवी ने कहा कि मध्यस्थता के लिए यथास्थिति बनाए रखने की आवश्यकता है. 

बेंच ने आगे कहा कि हम सिर्फ यह देख रहे हैं कि क्या कोई समाधान संभव है. समीर मोदी की तरफ से पेश हुए वकील श्याम दीवान ने कहा कि सभी को पता है कि लाभार्थी के तौर पर 25 फीसदी मुझे मिलना चाहिए. मैं केस से बाहर होने के लिए तैयार हूं. लेकिन इसके लिए एक रास्ता होना चाहिए.

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बेंच ने पूछा कि जब आप मध्यस्थता में गए और आपको 25% दिया जा रहा था तो क्या अड़चन थी? इस पर हीश साल्वे ने कहा कि लिस्टेड कंपनी के शेयर्स को बेचना होगा. SC ने पार्टियों को गोपनीयता बनाए रखने और सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश भी दिया.

CJI ने पिछली सुनवाई में कहा था कि इससे पहले मध्यस्थ नियुक्त किए गए थे, लेकिन फैसला नहीं किया जा सका. उन्होंने आगे कहा था कि दोनों पक्षों को निष्पक्ष होना चाहिए, दोनों पक्षों को समाधान के साथ आना चाहिए.

 

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