नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA देशभर में लागू हो चुका है. एक दिन पहले (11 मार्च) ही केंद्र की मोदी सरकार ने इसे लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. संसद के दोनों सदनों में बिल पास होने के बाद भी पिछले 4 साल (2019) से यह कानून लागू नहीं हो पा रहा था. लेकिन सोमवार को इसे लागू कर दिया गया. CAA लागू होने के बाद देशभर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. बीजेपी और उससे जुड़े संगठन इसे ऐतिहासिक फैसला बता रहे हैं तो वहीं विपक्षी पार्टियों ने इस कानून के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी है. आज हमारी नजर CAA लागू होने के बाद देशभर से सामने आ रहे रिएक्शंस पर रहेगी.
सीएए लागू होने के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. अर्धसैनिक बलों के जवानों ने उत्तरपूर्वी हिस्सों, शाहीन बाग, जामिया नगर और अन्य संवेदनशील इलाकों में रात्रि गश्त और फ्लैग मार्च किया है. बता दें कि जब 11 दिसंबर 2019 को संसद में CAA बिल पारित किया गया था, तब दिल्ली सहित पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे. इसमें 2019-2020 में महीनों तक सीएए विरोधी विरोध प्रदर्शन हुए, जामिया मिलिया इस्लामिया और शाहीन बाग इस आंदोलन का केंद्र था. 2020 की शुरुआत में इस मुद्दे पर शहर के पूर्वोत्तर हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हो गए थे.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने CAA का विरोध करने वालों को सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करने से कोई हल नहीं निकलेगा. CAA पर कानून पहले से ही संसद से पारित हो चुका है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि राजनीतिक दल बंद का आह्वान करते हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है.
असम के सोनितपुर जिले में कानून-व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील स्थिति को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है. पुलिस को संदेह है कि यहां शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है. पुलिस का कहना है कि असामाजिक तत्व जिले की शांति में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं.
क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित
1. पांच से ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर रोक रहेगी.
2. किसी भी पब्लिक प्लेस जैसे खेल के मैदान, सिनेमा हॉल और ऑडिटोरियम में बिना अनुमति के हथियार ले जाने पर रोक रहेगी.
3. मोटरसाइकिल, स्कूटर या किसी भी और दोपहिया वाहन पर केवल सिंगल सवारी ही सफर कर सकेंगे.
4. बिना अनुमति के चंदा इकट्ठा करने, लॉटरी या गिफ्ट कूपन बेचने पर भी रोक रहेगी.
5. पब्लिक प्लेस में लोगों के इकट्ठा होने, प्रदर्शन करने, जुलूस निकालने या नारेबाजी करने पर रोक रहेगी.
6. रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक तेज आवाज में स्पीकर बजाने पर प्रतिबंध रहेगा.
7. रात 10 बजे के बाद कहीं भी स्पीकर बजाने पर प्रतिबंध रहेगा.
ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) और 30 अन्य संगठन आज असम के अलग-अलग जिलों में CAA की प्रतियां जलाएंगे. इससे पहले सोमवार को भी गुवाहाटी, बारपेटा, लखीमपुर, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़ और तेजपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने CAA की प्रतियां जलाई थीं. 16-पक्षीय संयुक्त विपक्षी मंच पहले ही चरणबद्ध तरीके से आज राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान कर चुका है.