Advertisement

संदेशखाली: स्टिंग वीडियो केस में BJP नेता की याचिका पर कलकत्ता HC में कल फिर सुनवाई

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में बीजेपी नेता की मुश्किलें तब बढ़ गई जब टीएमसी ने एक स्टिंग वीडियो जारी किया. वीडियो में कथित रूप से एक शख्स दावा करता देखा गया कि संदेशखाली में महिलाओं के साथ उत्पीड़न का मामला 'मनगढ़ंत' था. शख्स के बारे में दावा किया गया कि वह बीजेपी के नेता गंगाधर कयाल हैं, जिन्होंने इस वीडियो मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी.

कलकत्ता हाई कोर्ट कलकत्ता हाई कोर्ट
aajtak.in
  • कलकत्ता,
  • 13 मई 2024,
  • अपडेटेड 8:05 PM IST

कलकत्ता हाई कोर्ट ने संदेशखाली में बीजेपी नेता गंगाधर कयाल की याचिका पर सुनवाई मंगलवार तक के लिए टाल दी है. उन्होंने अपनी याचिका में नदी क्षेत्र में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर एक कथित स्टिंग वीडियो की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी.

अपनी याचिका में बीजेपी नेता ने दावा किया था कि स्टिंग वीडियो को तकनीक की मदद से बनाया गया था और वीडियो में उनकी आवाज की मिमिक्री करके डाली गई थी. मसलन, बीजेपी नेता गंगाधर कयाल का कहना है कि स्टिंग वीडियो में उनकी नकली आवाज का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी वजह से दावे के मुताबिक, संदेशखाली में तनाव पैद हो रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: बंगाल में BJP नेताओं पर केस, चुनाव आयोग से भी शिकायत... जानें क्या है संदेशखाली स्टिंग ऑपरेशन केस

'संदेशखाली में तनाव पैदा हो रहा है', याचिका में दावा

हाई कोर्ट में बीजेपी नेता की याचिका पर अब मंगलवार को फिर से सुनवाई होगी. उन्होंने अपनी याचिका में दावा किया था कि इस तरह के (स्टिंग) वीडियो से संदेशखाली में तनाव पैदा हो रहा है. याचिका में बीजेपी नेता ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की थी और आशंका जताई थी कि उनकी सुरक्षा को खतरा है.

कोर्ट से सुरक्षा के लिए आदेश जारी करने की मांग

बीजेपी नेता गंगाधर कयाल ने कोर्ट से यह आदेश जारी करने की भी मांग की थी कि उन्हें केंद्रीय बलों के घेरे वाली सुरक्षा दी जाए. पश्चिम बंगाल में सत्ता दल टीएमसी द्वारा शेयर किए गए एक स्टिंग वीडियो के बाद बीजेपी नेता के लिए मुश्किलें बढ़ी है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: संदेशखाली के स्टिंग को लेकर बीजेपी और TMC आमने- सामने, तृणमूल बोली- वहां कोई रेप नहीं हुआ

स्टिंग वीडियो में क्या है?

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, स्टिंग वीडियो में एक शख्स यह दावा करता देखा गया कि संदेशखाली में यौन शोषण के आरोप असल में 'मनगढ़ंत' थे. हालांकि न्यूज एजेंसी ने वीडियो के सत्यापन से इनकार किया है.

'सीबीआई के अधिकारी से की मुलाकात'

याचिकाकर्ता बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि वह अपनी नकली आवाज के कथित इस्तेमाल को लेकर पहले ही सीबीआई अधिकारियों से मिल चुके हैं. मसलन, याचिका में उन्होंने कहा कि उनके कथित स्टिंग वीडियो मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए.

गौरतलब है कि कलकत्ता हाई कोर्ट के ही आदेश पर सीबीआई उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में कथित यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के मामलों की जांच कर रही है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement