
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ऑपरेशन चक्र-IV के तहत एक बड़े साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो 2021 से जर्मनी के नागरिकों को निशाना बना रहा था. यह ऑपरेशन जर्मन अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेट कर चलाया गया.
CBI के इंटरनेशनल ऑपरेशन डिवीजन ने 12 फरवरी 2025 को राहुल शॉ, शुभम शर्मा, राजीव बुधिराजा और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 467, 468 और 471 तथा आईटी एक्ट, 2000 की धारा 66D के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में ट्रांसफर करवा लिए 6,46,032 यूरो
वर्ष 2021-2022 के दौरान, आरोपियों ने जर्मनी के पीड़ितों को टेक सपोर्ट सर्विस का झांसा देकर उनके कंप्यूटर और बैंक खातों का अवैध रूप से एक्सेस ले लिया. उन्होंने झूठी जानकारी दी कि पीड़ितों के बैंक खाते हैक हो गए हैं और उनके पैसे खतरे में हैं. इस बहाने से उन्होंने 6,46,032 यूरो क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में ट्रांसफर करवा लिए, जो उनके कंट्रोल में थे.
राहुल शॉ को सिलीगुड़ी से किया गया गिरफ्तार
मामला दर्ज करने के बाद, CBI ने दिल्ली, कोलकाता और सिलीगुड़ी में 14 से 17 फरवरी 2025 के बीच कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे. इस दौरान राहुल शॉ को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया गया. उसके घर की तलाशी में 7 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप और अपराध से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए. आरोपी को नई दिल्ली के राउज एवेन्यू जिला अदालत में पेश किया गया.
अवैध कॉल सेंटर का भी किया पर्दाफाश
CBI ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग स्थित वेबेल आईटी पार्क, माटीगाड़ा में संचालित अवैध कॉल सेंटर का भी पर्दाफाश किया, जहां से 24 हार्ड डिस्क समेत डिजिटल सबूत बरामद किए गए. यह कॉल सेंटर कथित तौर पर राहुल शॉ और उसके सहयोगियों द्वारा चलाया जा रहा था.