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CDS Bipin Rawat: काउंटर-इंसर्जेंसी के एक्सपर्ट रहे हैं बिपिन रावत! 10 Points

CDS Bipin Rawat Helicopter Crash: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं. उनके करियर का बड़ा समय भारतीय सेना की सेवा में गुजरा है, वो ऊंचाई पर जंग लड़ने के एक्सपर्ट रहे हैं.

CDS Bipin Rawat (file Photo) CDS Bipin Rawat (file Photo)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 6:47 PM IST
  • 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक का किया नेतृत्व
  • 01 जनवरी 2020 को संभाला CDS का पद

CDS Bipin Rawat Profile: तमिलनाडु के कुन्नूर में आज (08 दिसंबर 2021) सेना के हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) और उनकी पत्नी का निधन हो गया है. जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर में 14 लोग सवार थे जिसमें से 13 मौतों की पुष्टि हुई है. जबकि, इस हेलिकॉप्टर हादसे के इकलौते सर्वाइवर रहे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह अस्पताल में भर्ती हैं. बिपिन रावत ने सेना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वह देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) रहे.

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आपको बता दें कि सीडीएस बिपिन रावत के करियर का लंबा वक्त भारतीय सेना की सेवा में गुजरा है, वो ऊंचाई पर जंग लड़ने के एक्सपर्ट रहे हैं. आइए जानते हैं उनकी  खूबियां...

> बिपिन रावत को आर्मी में ऊंचाई पर जंग लड़ने और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन (Counterinsurgency) यानी जवाबी कार्रवाई के एक्सपर्ट के तौर पर जाना जाता है. 

> साल 2016 में उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के नेतृत्‍व में 29 सितंबर 2016 को पाकिस्‍तान में बसे आतंकी शिविरों को ध्‍वस्‍त करने के लिए सर्जिकल स्‍ट्राइक की गई थी. जिसको बिपिन रावत ने ट्रेंड पैरा कमांडों के माध्यम से अंजाम दिया था. 

CDS बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दें.

>उरी में सेना के कैंप और पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए हमले में कई जवान शहीद होने के बाद सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी.   

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> आर्मी सर्विस के दौरान उन्होंने एलओसी, चीन बॉर्डर और नॉर्थ-ईस्ट में एक लंबा वक्त गुजारा है.

> बिपिन रावत ने कश्मीर घाटी में पहले नेशनल राइफल्स में ब्रिगिडेयर और बाद में मेजर-जनरल के तौर पर इंफेंट्री डिवीजन की कमान संभाली.

> साउथ कमांड की कमान संभालते हुए उन्होंने पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा पर मैकेनाइजड-वॉरफेयर के साथ-साथ एयरफोर्स और नेवी के साथ बेहतर तालमेल बैठाया.

>चाइनीज बॉर्डर पर बिपिन रावत कर्नल के तौर पर इंफेंट्री बटालियन की कमान भी संभाल चुके हैं.

> बिपिन रावत को इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) में 'स्वर्ड ऑफ ऑनर' से नवाजा जा चुका है.

>रावत चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के साथ-साथ भारतीय सेना के 27वें सेनाध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं.

बता दें कि बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च, 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी में एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था. बिपिन रावत ने 1978 में आर्मी ज्वॉइन की थी. बिपिन रावत ने 2011 में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से मिलिट्री मीडिया स्टडीज में पीएचडी की डिग्री हासिल की.

आर्मी चीफ से CDS बनने तक यूं तय किया सफर

बिपिन रावत ने 01 सितंबर 2016 को आर्मी के वाइस चीफ का पद संभाला और 31 दिसंबर 2016 को इंडियन आर्मी के 26वें चीफ की जिम्मेदारी मिली. वहीं, 30 दिसंबर 2019 को उन्हें भारत के पहले सीडीएस (CDS) के रूप में नियुक्त किया गया. बिपिन रावत ने 01 जनवरी 2020 को CDS का पदभार ग्रहण किया.

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