
केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इसमें आईटी हार्डवेयर सेक्टर के लिए 17 हजार करोड़ रुपये की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) को मंजूरी दे दी गई है. साथ ही किसानों को मिलने वाली खाद पर भी सब्सिडी जारी रखने का ऐलान किया गया है. बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस करते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और अश्विनी वैष्णव ने ये जानकारी दी.
इस दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 42 कंपनियों ने पहले साल में 900 करोड़ रुपए का निवेश करना था, उसकी जगह 1600 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है. इसका अपेक्षित निवेश 2,430 करोड़ है, जिससे 2 लाख रोजगार पैदा होंगे. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में इस साल 100 बिलियन डॉलर का उत्पादन देश में हुआ है. इसके साथ ही पिछले साल 11 बिलियन डॉलर के मोबाइल का रिकॉर्ड निर्यात किया गया.
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि देश में 325 से 350 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपयोग होता है. 100 से 125 लाख मीट्रिक टन DAP और NPK को उपयोग होता है. 50-60 लाख मीट्रिक टन MOP का इस्तेमाल होता है. किसानों को समय पर खाद मिले इसके लिए मोदी सरकार ने सब्सिडी बढ़ाई पर MRP नहीं बढ़े. खरीफ फसलों के लिए सरकार ने तय किया है कि भारत सरकार खाद की कीमत नहीं बढ़ाएगी. भारत सरकार खरीफ सीजन की फसल के लिए सब्सिडी में 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी.