
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भारतीय सेना में अग्निवीरों की नियुक्ति से जुड़े मुद्दों को टालने की कोशिश पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाया है. शनिवार को सोशल मीडिया पर दो ट्वीट करते हुए मायावती ने सरकार से सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि सेना में अग्निवीरों की अल्पकालिक और अस्थायी भर्ती का मुद्दा देश हित से जुड़ा है. लेकिन, महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे की तरह ही सरकार इस मसले पर भी इधर-उधर की बात कर रही है. मायावती ने कहा कि सेना में भर्ती जज़्बा और सम्मान से जुड़ा है, जिसपर सरकार ज़रूर ध्यान दे. बसपा सुप्रीमो ने एक के बाद एक दो ट्वीट कर डाले.
अपने पहले ट्वीट में मायावती ने कहा, 'सेना में अग्निवीर के रूप में अल्पकालीन व अस्थाई भर्ती का मामला जन व देशहित से जुड़ा ऐसा मुद्दा है जिस पर लोगों की चिन्ताएं बरकरार हैं, किन्तु सरकार महंगाई, गरीबी व बेरोजगारी आदि जैसी राष्ट्रीय समस्याओं की तरह इस मामले में भी केवल इधर-उधर की बात कर रही है, जो क्या उचित?'
इसके बाद अपने दूसरे ट्वीट में बसपा सुप्रीमो ने कहा, 'पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने की तैयारी में केन्द्रीय सुरक्षा बल, यह मीडिया में नया सरकारी बयान है किन्तु यह ऐसी नई बात नहीं है जो पहले नहीं कही गयी जिसे लोगों ने स्वीकार कर लिया हो. सेना में भर्ती सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि जज़्बा/सम्मान से जुड़ा है जिसपर सरकार ज़रूर ध्यान दे.'
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कहा है कि पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 फीसदी पद अर्धसैनिक बलों के लिए आरक्षित किए जाएंगे. CISF ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है और इस फैसले के आधार पर CISF जल्द ही भर्तियों के लिए ये नियम लागू करेगी. वहीं BSF ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है.
रक्षा मंत्रालय ने भी अग्निवीरों को 10% आरक्षण देने का वादा किया था
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने साल 2022 में ही इस बाबत ऐलान कर दिया था. उस दौरान भी जब 'अग्निवीर योजना' का विरोध बढ़ा था तो गृह मंत्रालय ने घोषणा की थी कि अर्ध सैनिक बलों की नियुक्ति में अग्निवीरों को प्राथमिकता मिलेगी. इन्हें 10% आरक्षण दिया जाएगा. रक्षा मंत्रालय ने भी अग्निवीरों को 10% आरक्षण देने का वादा किया था. इनके अलावा उत्तर प्रदेश, गोवा और हरियाणा सरकार ने राज्य पुलिस और उससे जुड़ी सेवाओं में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की बात कही थी.