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Kuno के जंगल से खेतों में जा पहुंचा चीता, गांव में मचा हड़कंप, लाठी-डंडे लेकर पहुंचे किसान, देखें Video

Kuno National Park: खेतों में पहुंचे चीते को वन अमला सुरक्षित वापस कूनो नेशनल पार्क के जंगल ले लाने में जुट गया है. खास बात यह है कि भारत में खुले में घूमते किसी चीते का 70 साल बाद पहली बार वीडियो सामने आया है.  

चीते दिखने की खबर फैलते ही गांववालों की उमड़ी भीड़.  चीते दिखने की खबर फैलते ही गांववालों की उमड़ी भीड़.
खेमराज दुबे
  • श्योपुर ,
  • 02 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 8:33 AM IST

देश की धरती पर 70 साल पर आए चीते मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में तो धमाचौकड़ी मचा ही रहे हैं. साथ ही अब कूनो पार्क की हद लांघकर आसपास के गांवों में भी पहुंचने लगे हैं. यही वजह है कि अब चीतों की दस्तक को लेकर ग्रामीणों में हड़कंप मचने लगा है. इसके चलते वन विभाग की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं. इसी की ताजा बानगी रविवार को कूनो पार्क से कई किलोमीटर दूर झार बड़ौदा और इकलौद गांव में देखने को मिली. जहां एक नर चीता ओबान गांव से लगे खेतों तक पहुंच गया.

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खबर फैलते ही गांववाले हैरानी में पड़ गए और जंगली जानवर की तलाश में जुट गए. वहीं, जानवरों की पल-पल मॉनिटरिंग कर रही टीम और वन अमला भी चीते को सुरक्षित वापस कूनो के जंगल में जे लाने में जुट गया है. खास बात यह है कि खुले में घूमता कोई चीता पहली बार वीडियो कैमरे में कैद हो गया. 

बीते 11 मार्च को कूनो पार्क के बड़े बाड़े से बाहर निकालकर खुले जंगल में छोड़े गए नर चीता ओबान ने ऐसी रफ्तार भरी कि वही आज पार्क के सामान्य वन मंडल को भी पीछे छोड़ विजयपुर इलाके के झार बड़ौदा और इकलौद गांव में जा पहुंचा. यह जानवर गांव से गुजरते हुए गेंहू के खेतों में जा घुसा. यह देख ग्रामीण सकते में आ गए और लाठी-डंडे लेकर जंगली जानवर की तलाश में जुट गए. वहीं, कूनो की मॉनिटरिंग टीम ओर अफसर भी झार बड़ौदा पहुंचकर चीते ओबान को वापस ले जाने में जुट गए हैं. चीता वीडियो में हुआ कैद:-

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पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ जसवीर सिंह चौहान ने Aajtak से फोन पर चर्चा करते हुए बताया, यह सही है कि नामीबियाई चीता ओबान कूनो पार्क की सीमा रेखा को लांघकर विजयपुर क्षेत्र के झार बड़ौदा और गोलीपुरा गांवों में जा पहुंचा है. चीतों की हर मूवमेंट पर हमारी नजर है. चिंता की कोई बात नहीं है. हमारी टीमें चीते के करीब हैं. उसे पार्क के खुले जंगल में पहुंचा दिया जाएगा. यदि वह खुद नहीं जा सकेगा तो पकड़कर ले जाया जाएगा. 
 
यहां बता दें कि नामीबियाई 8 चीतों को पहले क्वारन्टीन बाड़े में रखा गया था और फिर चरणबद्ध तरीके से बड़े बाड़े के अलग-अलग कंपार्टमेंट में शिफ्ट किया. उसके बाद अब उन्हें पार्क के खुले जंगलों में छोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ है. इसी कड़ी में अब तक 3 नर और एक मादा नामीबियाई चीतों को खुले जंगल में छोड़ दिया गया है.

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर माह में नामीबिया से लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए 8 चीतों को अब करीब 7 माह का समय बीतने को है. इनमें से एक मादा चीता साशा की किडनी संक्रमण के चलते मौत हो चुकी है. जबकि एक और मादा सयाया ने बीते दिनों ही 4 चीतों को जन्म दिया है. वहीं, 18 फरवरी को साउथ अफ्रीका से भी 12 नए चीते लाकर पार्क में बसाए गए हैं. पार्क में चीतों का कुनबा 23 हो गया है. सभी चीतों को अपना नया घर रास आने लगा है. लेकिन वन विभाग की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं.
 

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