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पराली पर विवादः पंजाब के CM बोले- अपनी नाकामी छुपाने के लिए झूठ बोलना बंद करें केजरीवाल

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'आज भी पंजाब में आसमान साफ ​​है और AQI का स्तर दिल्ली के लोगों की तुलना में बेहतर है.' उन्होंने यहां तक कहा कि एक बच्चा भी दोनों जगहों के अंतर को आसानी से देख सकता है. लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इसे आसानी से अनदेखा किया और पंजाब को इसके लिए दोषी ठहराते रहे.

CM अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल से कहा, झूठ बोलना बंद करें (फाइल-पीटीआई) CM अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल से कहा, झूठ बोलना बंद करें (फाइल-पीटीआई)
मनजीत सहगल
  • चंडीगढ़ ,
  • 16 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 1:10 AM IST
  • पराली जलाने से सिर्फ चार फीसदी प्रदूषण हो रहाः पर्यावरण मंत्री
  • समाधान की दिशा में खोज कार्य शुरू करें केजरीवालः अमरिंदर सिंह
  • पंजाब का एयर क्वालिटी इंडेक्स दिल्ली की तुलना में बेहतरः रिपोर्ट

दिल्ली के प्रदूषण और पराली जलाने से राजधानी में पड़ने वाले असर से जुड़े जारी नए आंकड़ों का पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वागत किया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पर्यावरण को रोकने में अपनी नाकामी छिपाने के चक्कर में झूठ बोलना बंद कर दें.

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बयान दिया था कि दिल्ली में पराली की वजह से सिर्फ चार फीसदी प्रदूषण होता है बाकी प्रदूषण यहां की ही लोकल समस्याओं के कारण होता है, के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने इसी मुद्दे पर व्यापक अध्ययन के परिणामों को स्वीकार करने से इनकार करने के लिए अपने दिल्ली समकक्ष को फटकार लगाई.

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पर्यावरण मंत्री की टिप्पणी पर कहा था कि बार-बार इनकार करने से कुछ नहीं होगा. अगर पराली जलाने से सिर्फ चार फीसदी प्रदूषण हो रहा है तो फिर अचानक रात में ही कैसे प्रदूषण फैल गया? उन्होंने कहा कि उससे पहले तो हवा साफ थी. यही कहानी हर साल होती है. कुछ ही दिनों में दिल्ली में प्रदूषण को लेकर ऐसा कोई उछाल नहीं हुआ है?

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वास्तव में, यह अरविंद केजरीवाल ही थे, जिन्होंने इनकार किया था, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने 'मदद नहीं करने का आरोप लगाया' था. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि यदि केजरीवाल दिल्ली के संकट को दूर करने को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें तुरंत समाधान की दिशा में खोज कार्य शुरू करना चाहिए.

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इससे पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) की ओर से 2018-19 में किए गए एक अनुसंधान का हवाला देते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की ओर से कहा गया कि दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए उत्तर प्रदेश और स्थानीय तौर पर स्वयं दिल्ली द्वारा पैदा किया गया प्रदूषण जिम्मेवार है ना कि पंजाब से उठता पराली का धुआं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए स्थानीय कारण ज्यादा जिम्मेवार हैं.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) द्वारा प्रकाशित एक रिसर्च पेपर में पंजाब के 2018 और 2019 के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का हवाला देते हुए कहा गया है कि दौरान पंजाब का एयर क्वालिटी इंडेक्स दिल्ली की तुलना में बेहतर था. अगर पंजाब का प्रदूषण दिल्ली के वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेवार होता तो पंजाब का खुद का एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब होता.

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'आज भी पंजाब में आसमान साफ ​​है और AQI का स्तर दिल्ली के लोगों की तुलना में बेहतर है.' उन्होंने यहां तक कहा कि एक बच्चा भी दोनों जगहों के अंतर को आसानी से देख सकता है. लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इसे आसानी से अनदेखा किया और पंजाब को इसके लिए दोषी ठहराते रहे.

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