
भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर गतिरोध जारी है. संसद के जारी मॉनसून सत्र के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी साफ किया था कि दोनों ही देश बातचीत के जरिए गतिरोध दूर करना चाहते हैं. अब दोनों ही देशों के बीच सैन्य लेवल पर कमांडर स्तर की बातचीत होगी. यह वार्ता अगले दो से तीन दिन में हो सकती है.
बताया जाता है कि भारतीय पक्ष की ओर से वार्ता के लिए एजेंडा पर चर्चा हो चुकी है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल (सीडीएस) बिपिन रावत के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में कमांडर स्तर की वार्ता के लिए भारत का एजेंडा तय किया गया. चीन के साथ बैठक में गतिरोध दूर करने पर बात होगी.
सरकार के सूत्रों की मानें तो भारत ईस्टर्न लद्दाख सेक्टर में डिसइंगेजमेंट और डिएस्केलेशन के लिए दबाव बनाएगा. गौरतलब है कि दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक हुई जिसमें तैयारियों पर बात हुई. साथ ही चीन के साथ होने वाले कोर कमांडर स्तर की बातचीत के लिए एजेंडे पर भी चर्चा हुई.
बता दें कि 4 सितंबर को रूस से मॉस्को में राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री की मुलाकात हुई. रक्षा मंत्री ने चीन को दो टूक बता दिया था कि सेना को पीछे हटाना ही होगा.
10 सितंबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर अपने चीनी समकक्ष से मिले थे. शांति बहाली के लिए 5 सूत्री एजेंडा तय हो गया. SCO मीटिंग के दौरान जयशंकर-वांग यी की मुलाकात को भी 9 दिन बीत चुके हैं, लेकिन फिर भी एलएसी पर भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं.