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Galwan: चीन ने नए साल पर अपना झंडा लहराया, भारत को चिढ़ाया, राहुल बोले- मोदी जी चुप्पी तोड़िए

डबल गेम खेलने के लिए कुख्यात चीन ने नए साल के मौके पर पूर्व लद्दाख के डेमचोक और हॉट स्प्रिंग इलाके में भारतीय सैनिकों को उपहार दिया था. इससे लग रहा था दोनों देशों के बीच रिश्तों में जमी बर्फ आखिरकार पिघलने लगी है. लेकिन कुछ ही घंटों के बाद चीन की असलियत सामने आ गई. 

गलवान में चीन ने फहराया अपना झंडा (वीडियो ग्रैब) गलवान में चीन ने फहराया अपना झंडा (वीडियो ग्रैब)
गीता मोहन
  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

चीन के साथ नए साल के मौके पर संबंधों को सामान्य होने की उम्मीद कर रहे भारत को एक बार फिर झटका लगा है. चीन ने गलवान घाटी पर एक बार फिर से अपना दावा किया है.

1 जनवरी 2022 को एक भड़काने वाली कार्रवाई में चीन ने अपने कब्जे वाले गलवान घाटी में अपना राष्ट्रीय झंडा लहराया. इसके बाद चीन की सरकारी मीडिया समेत उसकी प्रोपगैंडा मशीनरी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जोर-शोर से प्रसारित करना शुरू कर दिया.

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गलवान में चीन की इस करतूत का असर नई दिल्ली में हुआ. विपक्षी पार्टियों ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए पूछा कि गलवान पर पीएम मोदी अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे?

डबल गेम खेलने के लिए कुख्यात है चीन

डबल गेम खेलने के लिए कुख्यात चीन ने नए साल के मौके पर पूर्व लद्दाख के डेमचोक और हॉट स्प्रिंग इलाके में भारतीय सैनिकों को उपहार दिया था. इससे लग रहा था दोनों देशों के बीच रिश्तों में जमी बर्फ आखिरकार पिघलने लगी है. लेकिन कुछ ही घंटों के बाद चीन की असलियत सामने आ गई. 

ग्लोबल टाइम्स ने गलवान में चीनी सैनिकों द्वारा झंडा फहराने की तारीफ करते हुए लिखा, "गलवान घाटी में, जहां लिखा था एक इंच भी जमीन कभी मत छोड़ो, 1 जनवरी को PLA के जवानों ने चीनी जनता को संदेश दिया."

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गलवान पर शेखी बघारी, थियानमान चौक का जिक्र

इसी कार्यक्रम का वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए चीन की सरकारी मीडिया से जुड़े शख्स शेन सिवेई ने लिखा, "वर्ष 2022 के पहले दिन गलवान घाटी पर चीन का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, ये झंडा काफी खास है क्योंकि यही ध्वज कभी थियानमान चौक पर फहराया गया था." 

 

बता दें कि थियानमान चौक चीन में स्थित वही स्थान है जहां चीन ने कभी लोकतंत्र के समर्थक छात्रों पर गोलियों की बौछार कर दी थी. इस घटना में अनगिनत लोग मारे गए थे. 

गलवान में ही हुआ था चीनी विश्वासघात

बता दें कि साल 2020 में चीनी सैनिकों ने गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमला कर दिया था. भारतीय सैनिकों की टोली चीनी सैनिकों से अवैध कब्जे पर बात करने गई थी. तभी चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर अचानक हमला कर दिया था. भारत के सैनिक इस अप्रत्याशित हमले को तैयार नहीं थे, लेकिन उन्होंने इसका भरपूर जवाब दिया. और चीन के कई सैनिकों को ढेर कर दिया. इस हमले में भारत के 15 सैनिक शहीद हुए थे. चीन अपने जवानों की मौत को महीनों तक नकारता रहा. 

वीडियो वायरल होने के बाद बवाल

शेन सिवेई  द्वारा ट्वीट किया गया ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसी के साथ भारत की विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "गलवान पर हमारा तिरंगा ही अच्छा लगता है. चीन को जवाब देना होगा. मोदी जी, चुप्पी तोड़ो!"

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अरुणाचल के 15 जगहों का भी नाम चीन ने बदला

बता दें कि भारत के साथ चीन लगातार उकसाने वाली कार्रवाई कर रहा है. हाल ही में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों का नाम बदल दिया था. चीन की इस करतूत पर भारत ने दो टूक कहा था कि अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने 30 दिसंबर को एक बयान में कहा था, "हमने ऐसी रिपोर्ट देखी है, यह पहली बार नहीं है जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश राज्य में स्थानों के नाम बदलने का प्रयास किया है. चीन ने भी अप्रैल 2017 में भी ऐसी ही कोशिश की थी. अरुणाचल प्रदेश हमेशा से रहा है, और हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहा है. अरुणाचल प्रदेश में स्थानों को आविष्कृत नाम थोप देने से से यह तथ्य नहीं बदलता है."

 

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