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LAC पर तनाव कम करने को भारत-चीन के बीच 5 सूत्री सहमति, सैनिकों को हटाने में लाएंगे तेजी

मॉस्को में गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच ढाई घंटे तक बैठक चली. दोनों देशों के नेता SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को में हैं. 

मॉस्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच हुई मुलाकात (ANI) मॉस्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच हुई मुलाकात (ANI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 11 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 5:19 AM IST
  • मॉस्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की हुई मुलाकात
  • 'जयशंकर बोले, सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव को बढ़ाना नहीं चाहता भारत'
  • चीनी विदेश मंत्री बोले- पड़ोसी देशो में मतभेद होना सामान्य बात

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनातनी के बीच मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच करीब ढाई घंटे मुलाकात हुई. विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच बैठक के दौरान सीमा पर तनाव खत्म करने को लेकर 5 सूत्री सहमति बनी है. साथ ही दोनों पक्ष इस पर राजी हुए हैं कि बातचीत जारी रखेंगे और सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी.  

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सीमा पर बने तनावपूर्ण माहौल को खत्म करने और सैनिकों को हटाने को लेकर मॉस्को में गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच करीब ढाई घंटे तक बैठक चली. दोनों देशों के नेता SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को में हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीन समकक्ष वांग यी के साथ मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) से इतर हुई. 

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सहमति व्यक्त की कि भारत-चीन संबंधों को विकसित करने के लिए दोनों पक्षों को नेताओं की आम सहमति की सीरीज से मार्गदर्शन लेना चाहिए, मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए.

संवाद जारी रखने पर हुई सहमतिः MEA

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों मंत्रियों ने 'भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के साथ-साथ भारत-चीन संबंधों पर हुए घटनाक्रम पर स्पष्ट और रचनात्मक चर्चा की.

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बयान के अनुसार, दोनों पक्ष इस पर सहमत हुए हैं कि आपसी संवाद जारी रखना चाहिए, जल्दी से सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए, उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तनाव को कम करना चाहिए.' यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन की ओर से एक-दूसरे पर हवा में गोलीबारी करने का आरोप लगाया जा रहा है, जो सीमा विवाद में नवीनतम फ्लैशपोइंट बन गया है.

इस बीच सरकार से जुड़े सूत्रों का दावा है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रबंधन पर सभी समझौतों का पूर्ण पालन होने की उम्मीद है और एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदलने के किसी भी प्रयास को नहीं माना जाएगा.

मॉस्को में अपनी बैठक के दौरान, भारतीय और चीनी विदेश मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि जैसे ही स्थिति आसान हो जाती है, दोनों पक्षों को सीमा क्षेत्रों में शांति और अमन बनाए रखने तथा विश्वास बनाए रखने के नए उपायों पर काम में तेजी लानी चाहिए.

संबंध सही दिशा में आगे बढ़ेंगेः चीनी विदेश मंत्री

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन और भारत के लिए 2 पड़ोसी देशों के रूप में मतभेद होना सामान्य है. लेकिन महत्वपूर्ण यही है कि इन मतभेदों को उचित द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में रखा जाए. 

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चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक में चीनी विदेश मंत्री वांग ने कहा कि चीन-भारत संबंध एक बार फिर चौराहे पर आ गए हैं. दोनों देशों के बीच रिश्ते को सही दिशा में आगे बढ़ाते रहेंगे. कोई भी ऐसी कठिनाई या चुनौती नहीं है जिसे दूर नहीं किया जा सकता है. 

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग यी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति पर चीन की सख्त स्थिति को रेखांकित किया, साथ ही इस पर जोर दिया कि गोलीबारी और उकसावे के अन्य खतरनाक कामों को तुरंत रोका जाना चाहिए जो दोनों पक्षों के वादों का उल्लंघन करते हैं.

चीन को लेकर नीति नहीं बदलीः जयशंकर
बैठक के दौरान चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि सीमावर्ती सैनिकों को जल्द से जल्द हट जाना चाहिए ताकि स्थिति खराब हो सके. चीनी पक्ष विशिष्ट मुद्दों को हल करने के लिए दोनों पक्षों में उन्नत वार्ता के लिए तैयार है: 

इस अहम बैठक के दौरान, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारतीय पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव को बढ़ाना नहीं चाहता है. चीन को लेकर भारत की नीति नहीं बदली है. भारतीय पक्ष का मानना ​​है कि भारत के प्रति चीन की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है.

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चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से दावा किया गया कि दोनोंन नेताओं के बीच लंबी चली बैठक के दौरान वर्तमान स्थिति के बारे में पांच-सूत्रीय सर्वसम्मति पर पहुंच गए.

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