
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) हरियाणा के नूंह में अपनी पहली महिला रिजर्व बटालियन स्थापित करेगा. ये बटालियन महिलाओं के प्रतिनिधित्व और परिचालन क्षमता सुदृढ़ होगी. बटालियन की स्थापना के लिए हरियाणा सरकार ने 50 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है, जिसका सीआईएसएफ द्वारा मूल्यांकन किया चुका है.
महिला बटालियन की स्थापना के लिए उपयुक्त माना गया. इसके बाद इस जगह पर बटालियन की स्थापना के लिए प्रस्ताव को गृह मंत्रालय को प्रस्तुत किया, जिससे 24 जनवरी को मंजूरी दे दी. ये कदम 11 नवंबर 2024 को गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा 1,025 पदों के सृजन की मंजूरी के बाद उठाया गया है.
'जरूरत के हिसाब से होगी महिला कर्मियों की तैनाती'
नूंह में महिला बटालियन की स्थापना न केवल प्रभावी होगी, बल्कि परिचालन रूप से भी व्यावहारिक रहेगी. इससे सीआईएसएफ अपनी एनसीआर-आधारित यूनिटों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित महिला कर्मियों की त्वरित तैनाती सुनिश्चित कर सकेगा. यह बटालियन आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और संसाधनों से सुसज्जित होगी, जिससे इसकी दक्षता और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी.
इसके अलावा सीआईएसएफ ने हाल ही में गृह मंत्रालय की मंजूरी से हरियाणा के नूंह स्थित इंद्री गांव में एक अलग भूमि का अधिग्रहण किया है, जहां इसकी पहली रिजर्व बटालियन को ट्रांसफर किया जाएगा. वर्तमान में ये बटालियन अस्थायी रूप से मध्य प्रदेश के बडवाहा में स्थित है. दोनों बटालियनों की निकटता सीआईएसएफ की परिचालन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी, जिससे वह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की संवेदनशील यूनिटों की जरूरतों को और प्रभावी रूप से पूरा कर सकेगा.
बढ़ेगी CISF की क्षमता
नूंह में प्रथम रिजर्व बटालियन और महिला रिजर्व बटालियन की ये दोहरी स्थापना न केवल परिचालन को सुव्यवस्थित करेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सीआईएसएफ की तत्परता और क्षमता को भी बढ़ेगी.
दिल्ली-NCR क्षेत्र में CISF की प्रमुख यूनिट
इन संवेदनशील यूनिटों को विशेष रूप से हाई-अलर्ट स्थितियों में महिला कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की आवश्यकता होती है. इसके अलावा आगामी जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिचालन में आने से महिला सुरक्षा कर्मियों की मांग और अधिक बढ़ने की संभावना है.