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तेलंगानाः बाढ़-बारिश में मारे गए लोगों के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा, घर भी बनवाएगी सरकार

तेलंगाना के सीएम राव ने घोषणा की कि प्राथमिक अनुमानों के अनुसार, भारी बारिश और बाढ़ की वजह से राज्य को 5000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने केंद्र से राहत उपायों के लिए तुरंत 1350 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया है. इस संबंध में सीएम ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है.

भारी बारिश ने तेलंगाना और आंध्र में भारी तबाही मचाई (पीटीआई) भारी बारिश ने तेलंगाना और आंध्र में भारी तबाही मचाई (पीटीआई)
आशीष पांडेय
  • हैदराबाद,
  • 16 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 12:44 AM IST
  • तेलंगाना में बाढ़ की वजह से 50 लोगों की मौत
  • 'जिनके घर बर्बाद हो गए उनके नए घर बनाए जाएंगे'
  • 'घरों के मरम्मत को आंशिक रूप से वित्तीय सहायता'
  • मदद के लिए पीएम मोदी को खत लिखाः CM राव

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश से जान-माल को खासा नुकसान हुआ है. अकेले तेलंगाना में भारी बारिश और अचानक आए बाढ़ की वजह से पूरे राज्य में 50 लोगों की मौत हो गई जबकि हैदराबाद में 11 लोग मारे गए. बाढ़ से 5 हजार करोड़ से ज्यादा के नुकसान का दावा किया जा रहा है.

के चंद्रशेखर राव की सरकार ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद का ऐलान किया है और इस आपदा में मारे गए मृतकों के परिजनों को मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपये दिए जाएंगे.

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मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि हैदराबाद में बाढ़ की स्थिति की जांच की गई, तो पता चला कि एफटीएल सीमा के भीतर बनी कॉलोनियों में भी बाढ़ आ गई थी. उन्होंने कहा कि अपार्टमेंट को अनुमति दिए जाने के समय एक नियमन होना चाहिए जिसमें तहखानों में पानी के ठहराव को रोकने के लिए उपाय भी हों.

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राव ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के जिन लोगों के घर बर्बाद हो गए हैं, उनके नए घर बनाए जाएंगे और मरम्मत के लिए आंशिक रूप से वित्तीय सहायता दी जाएगी. यहां तक की जिन घरों को नालों (नालियों) पर बनाया गया था और वे बाढ़ के पानी में बह गए हैं. अब नए घर सरकारी जमीन पर बनाए जाएंगे.

सरकार के मुताबिक राज्य में करीब 7.35 लाख एकड़ फसलें जलमग्न थीं. अगर फसलों को 50 फीसदी नुकसान होता है, तब भी नुकसान 2,000 करोड़ रुपये का होगा.

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उन्होंने कहा कि 1916 के बाद पहली बार ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (जीएचएमसी) की सीमा के तहत एक दिन में 31 सेमी बारिश दर्ज की गई. इसके परिणामस्वरूप जीएचएमसी में कई जगह पानी में डूब गए. चूंकि पानी अपार्टमेंट के तहखाने क्षेत्रों तक पहुंच गया, इसलिए लोगों को खासा समस्याओं का सामना करना पड़ा.

हैदराबाद में 72 पुनर्वास केंद्र 
हैदराबाद में, 72 स्थानों पर 144 कॉलोनियों में 20,540 घर बाढ़ के पानी से फंस गए थे जिसमें 35,000 परिवार प्रभावित हुए. एलबी नगर, चारमीनार, सिकंदराबाद और खैरताबाद ज़ोन में बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित रहा. हैदराबाद में 14 घर क्षतिग्रस्त हुए जबकि 65 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए.

हैदराबाद में 72 पुनर्वास केंद्र खोले गए जहां भोजन के साथ-साथ लोगों को अस्थायी आश्रय दिया गया. रोजाना 1.10 लाख लोगों को भोजन परोसा गया. सरकार किसानों को 600 करोड़ रुपये की राहत देने के अलावा जीएचएमसी और अन्य क्षेत्रों में राहत तथा पुनर्वास के उपाय करने के लिए 750 रुपये की अतिरिक्त सहायता दे रही है.

सीएम राव ने घोषणा की कि प्राथमिक अनुमानों के अनुसार, भारी बारिश और बाढ़ की वजह से राज्य को 5000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने केंद्र से राहत उपायों के लिए तुरंत 1350 करोड़ रुपये जारी करने का आग्रह किया है. इस संबंध में सीएम ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है. 

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