
बीजेपी और कांग्रेस के बीच जबरदस्त जुबानी जंग छिड़ गई है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर यूएसएआईडी (USAID) के गुडविल एंबेसडर के रूप में काम करने को लेकर तंज कसा.
कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने मंगलवार को एक सरकारी डॉक्यूमेंट का स्क्रीनशॉट शेयर किया जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का बायो था. डॉक्यूमेंट में लिखा है कि टीवी एक्टर से नेता बनीं स्मृति ईरानी ने राजनीति में कदम रखने से पहले WHO-ORS प्रोग्राम के लिए भारत में यूएसएआईडी गुडविल एंबेसडर के रूप में काम किया था.
कांग्रेस ने लगाए आरोप
प्रियांक खड़गे ने कहा, 'दिलचस्प, सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, स्मृति ईरानी के बायो में बताया गया है कि उन्होंने भारत में यूएसएआईडी 'गुडविल एंबेसडर' के रूप में काम किया है. क्या इसका मतलब यह है कि भाजपा के नेता जॉर्ज सोरोस के असली एजेंट हैं?'
गौरतलब है कि अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस और उनकी ओपन सोसाइटी फाउंडेशन को कई देशों की सरकारों ने 'अराजकता फैलाने वाला' करार दिया है. बीजेपी ने पहले सोरोस और सोनिया गांधी के बीच साठगांठ का आरोप लगाया था, जिसे कांग्रेस ने खारिज कर दिया था.
'असली जॉर्ज सोरोस एजेंट स्मृति ईरानी निकलीं'
प्रियांक खड़गे की पोस्ट को रीट्वीट करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, 'यह बढ़िया है. आखिरकार हमारे पास बीजेपी के पसंदीदा सवाल- रसोड़े में कौन था का जवाब है? जॉर्ज सोरोस की असली एजेंट स्मृति ईरानी निकलीं.'
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी 2002 से 2005 के बीच WHO द्वारा ORS गुडविल ब्रांड एंबेसडर नियुक्त की गई थीं और उस दौरान 2004-05 में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार सत्ता में थी.
बीजेपी ने किया पलटवार
मालवीय ने कहा, 'उस समय स्मृति ईरानी 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' सीरियल की वजह से घर-घर में पहचानी जाती थीं. WHO ने उन्हें इस कार्यक्रम का प्रचार करने के लिए चुना था, जिसे दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) सहित कई संस्थाओं ने समर्थन दिया था.'
मालवीय ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा पर हमला बोलते हुए कहा कि 'जब यह कार्यक्रम चल रहा था, तब दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं और पवन खेड़ा उनके सहायक थे, जो केवल उनके चप्पल और बैग उठाने का काम करते थे. ऐसे गंभीर मामलों की समझ उस समय उनकी क्षमता से बाहर थी.'
'अमेठी की जीत कांग्रेस के लिए बुरा सपना'
बीजेपी नेता मालवीय ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि 'कांग्रेस को स्मृति ईरानी से इतनी जलन क्यों है? उन्हें स्मृति ईरानी पर ध्यान देना छोड़ देना चाहिए.' उन्होंने याद दिलाया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने अमेठी सीट जीतकर कांग्रेस और गांधी परिवार को करारी शिकस्त दी थी. उन्होंने कहा, 'अमेठी में स्मृति ईरानी की जीत कांग्रेस के लिए एक बुरा सपना बनी रहेगी.'