
लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद कांग्रेस केंद्र की अग्निपथ योजना को लेकर हमलावर है. सोमवार को कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अग्निपथ योजना को पूरी तरह से वापस लेने की मांग की है. कांग्रेस ने कहा कि यह योजना न तो देश के हित हैं और न ही रक्षा बलों के हित में है.
कांग्रेस की कार्यसमिति के सदस्य और रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस योजना में कोई भी संशोधन स्वीकार्य नहीं है और उनकी पार्टी ने साल 2022 से पहले की भर्ती प्रणाली की बहाली मांग की.
अफवाह है अग्निवीरों की सेवा अवधि की खबर
हुड्डा ने हाल ही की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार अग्निवीरों की सेवा अवधि को चार से बढ़ाकर सात साल करने और 25 प्रतिशत से 60-70 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये प्रस्तावित बदलाव कांग्रेस पार्टी के लिए अस्वीकार्य है और वह पूरी तरह से अग्निपथ योजना के विरोध में है. हालांकि, सरकार ने रविवार को स्पष्टीकरण जारी कर इन सभी दावों को अफवाह बताया था.
युवाओं में कम हुई रुचि
हुड्डा ने कहा, यह योजना रक्षा सेवाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के युवाओं के हित में नहीं है. अग्निपथ योजना के लागू होने के बाद से युवाओं में भारी निराशा फैल गई है और रक्षा सेवाओं में शामिल होने की रुचि में कमी आई है. केंद्र सरकार न केवल इस योजना को वापस ले, बल्कि इसके लागू करने के पीछे के हालात और कारणों का भी खुलासा करे.
विफल रही है अग्निपथ योजना
योजना की आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भाजपा के खराब प्रदर्शन से जनता की अस्वीकारता स्पष्ट है, जहां से ज्यादातर युवा सेना में भर्ती होते हैं. इन राज्यों के लोगों ने भाजपा को अग्निपथ योजना के लिए सजा दी है. अग्निपथ योजना विफल रही है.